एक छोटी सी भूल

एक छोटी सी भूल पे तेरी,देख ले हम जुदा हो गए।
तेरी सजा को निभाते हुए,देख ले हम फ़िदा हो गए।

#कुछ इल्तिज़ा थी बस तेरी, जो समझ ना आई हमे,
सब कुछ ही तो तोड़ दिया था, पर भुला ना पाई हमे।
जाने कैसी मझधार थी वो, ना जाने कैसी शोख लहर,
समन्दर बहा के साथ गयी ले, पर भिगा ना पाई हमे।
तेरे इश्क़ में टूटके जाना, देख ले हम अलहदा हो गए।
एक छोटी सी………..

#ग़ज़ल रही अधूरी तेरे बिन, पर हमने सब माफ़ किया,
जो लिखी थी वो भी कहती, हां हमने कोई पाप किया,
आहिस्ता से छूते “मैकश”, कही चोट फिर से उभर ना आये,
तेरे कारन दिल का अपने, हर रस्ता फिर से साफ़ किया।
जा माफ़ किया तुझे ऐ जालिम,देख ले हम खुदा हो गए।
एक छोटी सी………

“मैकश”

One Reply to “एक छोटी सी भूल”

  1. आहिस्ता से छूते ‘मैकश ‘ कहीं चोट फिरसे ऊभर न आये ….

    बहुत खूब

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