एहसास प्यार का

एहसास प्यार का

बहार छाई तेरे इकरार में
हसीन लगते नज़ारे प्यार में

भूला गए लाखों गम संसार के
तेरे ही प्यार के इज़हार में

सपने देखते रहते मिलन के
वक्त नागवार है इन्तजार में

गुज़ारे जिंदगी यों हँस खेल के
टुटे न अपना रिश्ता मझधार में

ख्वाब है छोटी सी ज़िन्दगी के
ना जा पाये ग़म के अधिकार में

हक़ीकत पाए सपने बिश्वास के
समय ना बीते किसी तक़रार में

साथ जीए मरे सभी को जता के
सजन सदा ही इतराय प्यार में

सजन

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