कसक 10

बस दो दिलो की कहानी थी पर उसे कहना ना आया.
ये सितम था प्यार का पर उसे सहना ना आया.
हर रात रूह निकलती थी बेकरार होकर,
और वो सोचती रही की उसे मरना ना आया.

श्रेयस अपूर्व
भोपाल

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