मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है

मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है

मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है
तेरी यादों ने भी कसमसाहट पायी है।

ये तेरी दिलकश अदाओं का था असर
जब भी मुस्कराती बहक जाती थी नजर
बनाये जाते थे हसीन यादों के महल
सभी प्यार की बातें भी लगती थी गजल

ख्वाब में आये तुम तो हमने यह जाना
पुरानी मुलाकतों ने जिन्दगी पायी है।
मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है।

मेरे गीतों में मिलती थी तेरी रागिनी
जैसे जनम जनम से थी मेरी संगिनी
साजे-दिल पे थरकती थी चाँदनी कभी
नाचती हो किरण की जैसे हरेक कड़ी

वो नींद में खुसफुसाती यादों की कसक है
जिससे ख्वाबों ने फिर खुनक चाँदनी पायी है।
मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है

सिराहने बैठी थी वो सुहानी रातें
जो सहलाती थी महकती साँसें
लब थरथराते थे पर कुछ कहते ना थे
लफ्ज महकते थे पर कभी झरते ना थे

प्यार ही प्यार था बस ख्वाबों की डगर
लगे फिर जिन्दगी ने रवानकी पायी है
मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है।

गुमसुम गुजरती रातें भी बस चहकती थी
दिल की धड़कनें भी चहकती फुदकती थी
हर शाख पे रंगो-बू की थी चहल पहल
परिंदो के लब थी प्यार की हरेक गजल

अब शबनम भी मुस्काती नजर आती है
ख्वाब की बगिया ने नई जिन्दगी पायी है
मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है

ख्वाब में इन तेरी शरारती जुल्फों ने
लब पर भी थरथराते अनकहे लफ्जों ने
खिलती कलियों के हर अरमान सजाया था
तेरे जलवों का भी अहसास कराया था

नींद आयी थी लजाती पर जाती ही न थी
करवटों ने भी अजब-सी जिन्दगी पायी है
मेरे ख्वाबों ने फिर से जिन्दगी पायी है।
… भूपेन्द्र कुमार दवे
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