गिरगिट और इंसान

गिरगिट और इंसान

पल में अक्सर बदल जाता है मौसम l
पल में अक्सर बदल जाता है इंसान ll
यू ही बदनाम है गिरगिट रंग बदलने मे l
रंग तो अक्सर बदलता है , ये इंसान ll

जो दिखता है,  वो वैसा होता नही l
जो होता है ,  वो हमे दिखता नही ll
मन में क्या छुपा हैं,ये हमे पता नही l
जो सोचे वैसा हो,ये ज़रूरी तो नही ll

पल में माशा और पल में तोला l
पल में सब कुछ बदल जाता हैं ll
मानते हो जिसको दिल से अपना l
कभी-कभी वो भी बदल जाता हैं ll

बदलना हैं तो आपनी सोच बदलो l
अच्छी सोच तुम्हे आगे ले जायेगी ll
तुमको तो उससे खुशी मिलेगी ही l
दुसरो को भी वो खुशी दे पायेगी ll
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राजीव गुप्ता

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