चन्द शेर-4

चन्द शेर-4

– तुम्हारी यादों से बेहतर कोई जागीर ना मिली अब तक,
गरीब है वो, जो कोई और दौलत ढूंढता है.

– हर कसर लगा दी मैंने तुझे भुलाने में, पर गया था भूल।
कि यहाँ तो कसर भी अधूरी सी ही थी तेरे बिना.

– हम भी तेरी इबादत करेगें, ऐ खुदा,
बस उसकी यादों का ये कारवां तो गुजर जाने दे।

– दोराहे पर खडा हूं मैं, जाने ये सफर किधर ले जायेगा,
तू ही आजा या यादें दे दे,मेरा काम तो चल जाएगा।

श्रेयस अपूर्व “मैकश”

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