जन्मदिन का उपहार

जन्मदिन का उपहार

आज वैसे तो एक नार्मल दिन है जैसा सभी के लिए होता।पर मेरे लिए ये एक ख़ास दिन है।14 अगस्त ये दिन हमेशा मेरे लिए ख़ास रहा है इसलिए नहीं की ये किसी का ख़ास दिन है,बल्कि इसलिए की ये मेरे more than special का जन्मदिन है जो मेरे special one से भी ज्यादा स्पेशल है।
14 अगस्त मेरी दीदी का जन्मदिन जो हमेशा मुझे ज्यादा जानती है,समझती है।हालांकि माँ को ज्यादा समझना चाहिए अपने संतान को,पर मेरी दी मुझे सबसे ज्यादा समझती है।
चूँकि आज उसका जन्मदिन है तो वो हकदार है अपना उपहार पाने को,परंतु मैं तो खाली हाथ हूँ तो सोचा चलो अपनी लेखनी से ही कुछ दे देता हूँ उपहार स्वरुप।-

1-शुक्रिया,मुझसे 1 साल पहले इस दुनिया में आने के लिए और जीवन भर मेरी मार्गदर्शक बन जाने के लिए।
2-शुक्रिया,तुमने हमेशा ही अपनी गुड़ियों और खिलौनों से खेलने दिया और तोड़ने दिया।(मुझे वो सफ़ेद गुड़िया का तोडना याद है जो तुम्हे सबसे ज्यादा पसंद थी।)
3-शुक्रिया,मुझे माँ पिताजी से पिटवाने के लिए,जो मेरी चॉक खाने की बुरी आदत से बचाने के लिए था।
4-शुक्रिया,मुझे बचपन में स्कूल में लंच में साथ बैठा के खिलाने के लिए।
5-शुक्रिया,मुझे पॉटी के बाद तालाब में गिरने से बचाने के लिए।
6-शुक्रिया,मुझे हमेशा क्लास 8 तक हर कला के एग्जाम के लिए कमल के फूल और सारी का किनारा की प्रैक्टिस कराने का शुक्रिया।(तुम जानती हो मैं आज भी कच्चा हूँ)।
7-शुक्रिया,तुमने हर कदम पे मेरा साथ दिया,और एक ढाल की तरह खड़ी रही।
8-शुक्रिया,तुमने जिंदगी में जो रिकार्ड्स बनाये वो आज भी मेरे लिए माइलस्टोन हैं-
Highschool-77%
Intermediate-79%
Graduation-86%(2nd university topper)
Post.grad.-84%(2nd university topper)
गीता प्रतियोगिता- 216 श्लोक और बाकी जो गिने नहीं गए।
निबन्ध प्रतियोगिता-916 वर्ड्स।
कला में 50/50।
9-शुक्रिया,तुम्हारे उन सभी गोल्ड मेडल्स का जो तुमने बैडमिंटन में जीते अपनी स्कूल लाइफ में।
10-शुक्रिया,तुमने हमेशा माँ पिताजी की डांट खुद सही और हमेशा मुझे छंटाक भर ही आने दिया।
11-शुक्रिया,तुमने मुझे मेरे जीवन का पहला स्मार्टफोन गिफ्ट दिया।
12-शुक्रिया,वो तुम्ही थी जिसकी वजह से मुझे लैपटॉप मिला।उसके लिए तो तुम पिताजी से झगड़ पड़ी थी।
13-शुक्रिया,मेरे उन 2 सालो में मेरी ढाल बनकर खड़े रहने के लिए,जब मैं पूरी तरह टूट चुका था।और शायद तुम ना होती तो उबर भी ना पाता।
14-शुक्रिया,मेरी जिंदगी की तमाम गलतियों में भी मुझपे भरोसा करने के लिए,जबकि एक वक़्त को माँ पिताजी का भी भरोसा मुझसे टूट गया था।
15-शुक्रिया,हमेशा मुझसे एक कदम आगे रहने के लिए और सच में माँ पिताजी की पहली संतान का गौरव पाने के लिए।
16-शुक्रिया,उन तमाम पलो के लिए जब मैं तुम पे गुस्सा हुआ उसके बाद भी तुम्हारा भाई पर प्यार कम ना हुआ।
17-शुक्रिया,बाबा को ये एहसास दिलाने के लिए की पोतियां ज्यादा कर सकती हैं किसी एक पोते या नाती से।
18-शुक्रिया,मुझे निराशा के उन पलो में भी साथ देने को,जब मेरे साथ कोई ना था।
19-शुक्रिया,मुझे हर रक्षाबन्धन पर राखी भेजने के लिए जबकि मैं तुमसे दूर था।
20-शुक्रिया,हमेशा मेरी चिंता करने के लिए,तबसे जबकि मैं अभी माँ के पेट में था और अभी जन्म बाकी था मेरा।
21-शुक्रिया,उन सभी कामो के लिए जिनके कारण मैंने डाँट को तुम्हारे साथ साझा किया।
22-शुक्रिया,अगर आज मैं कुछ भी लिखता हूँ जैसे ये रचना या कोई भी कविता तो उसके पीछे की हर वाह में तुम हो।तुम ही हो जिसने मुझे लिखने को हमेशा को कहा।
23-शुक्रिया,मेरी बड़ी बहन और मेरी गार्डियन होने के लिए।
Love you di.
May God bless you always.
Happy b’day di.

तुम्हारा छोटा भाई,
श्रेयस अपूर्व नारायण,
“मैकश”।

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