हरे कृष्ण

जन्माष्टमी

माखन चोर नन्द किशोर, जन्मे मथुरा धाम l
पाप से मुक्ति, दिलायेंगे घनश्याम ll
अजर अमर हूँ इसका कंस को, था बड़ा अभिमान l
कंस का अंत करने, जन्मे कृष्ण भगवान ll

बहिन देवकी-वसुदेव को , कंस ने बंदी बनाया l
देवकी से जन्मे, शिशु का वध करवाया ll
देवकी पुत्र रूप में कान्हा, जब धरती पर आये l
वसुदेव ने ,कान्हा के प्राण बचाये ll
मथुरा जन्म लिया कान्हा ने ,पले-बड़े गोकुल धाम l
पाप से मुक्ति ,दिलायेंगे घनश्याम ll

यशोदा का लाड़ला कान्हा , माखन चोर कहलाये l
बंसी की धुन पर, गोपियाँ नाच दिखाये ll
गोकुल की रक्षा खातिर , पर्वत गोवर्धन उठाया l
शेष नाग के फन पर , नाच दिखाया ll
वध कर कंस का कान्हा ने ,मथुरा को मुक्त कराया l
छुड़ा के माँ-बाप को, बेटे का फर्ज निभाया ll
माखन चोर नन्द किशोर, जन्मे मथुरा धाम l
पाप से मुक्ति, दिलायेंगे घनश्याम ll

कृष्णा, कृष्णा, कृष्णा, राधे कृष्ण, राधे कृष्णा ….

कृष्णा, कृष्णा, कृष्णा, राधे कृष्ण, राधे कृष्णा ….

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