जीवन सुना हो गया,

तुम गये और जीवन सुना हो गया,
पुकारा मैने पीछे से,
तुम सुनी नही,
रोका भी, पर रुकी नही,
तुमने बिना बोले कुछ कहा भी,
मैने सुना भी सहाभी,
तुम ऋतु जो थी बदल गई,
आँख मूँद के चला था,
संग तुम्हारे,
अनायास ही टूटा रिस्ता,
बीच राह मे,
तुम समय जो थी रुकी नही,
तुम गये और जीवन सुना हो गया,

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