जीवन हाला

जीवन हाला

यों ही एक प्रयास:-

टुटे हुवे प्यालो में जीवन- हाला
बेबस पीने कोे बैठ गया मधुशाला

बुदं बुंद तड़पाये पीने की ज्वाला
अद्दाओं से भरमाये साकीवाला

किस डगर जाऊं,भरूं मद प्याला
बंद होने आई जीवन- मधुशाला

कोई जतन बतायें,कोई मतवाला
रिस रहा मधु-रस टुटा है प्याला

राम नाम का रस पीले मतवाला
दर दर क्यों भटके लेकर ज्वाला

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*