तुम जब सपनो मैं आती हो

तुम जब सपनो मैं आती हो
दिल चाहता है वक्त यन्हि थम जाए

सपनो मैं भी चोरी से तुझे देखना,
मन ही मन बाते करना,
और वो तुम्हे मनाने की कोशिश करना,
पर तुम्हारा अतीत की तरही फिर वो इनकार करना,

तुम यह भी कहती हो,
तुम्हे ना मिल पाऊँगी कभी,
ना ही बुलाने पर आऊँगी कभी,
पर सपनो मैं ज़रूर आऊँगी,

तुम जब सपनो मैं आती हो
दिल चाहता है वक्त यन्हि थम जाए

राजीव कुमार

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