दर्द

दर्द

दूसरो का दर्द सिर्फ वो ही समझ पाता है l
जो उस दर्द से कभी होकर गुजर जाता है ll
जो उस दर्द को महसूस ना कर पाया हो l
वो क्या खाक दूसरो का दर्द समझ पाता हैll

दर्द यूँ हर किसी को बताया नहीं जाता है l
बताया जाता है उसे जो दर्द समझ पाता हैll
वर्ना आपका दर्द एक मज़ाक बन जायेगा l
हल नहीं निकलेगा सिर्फ बवाल बन जायेगा ll

अगर ना मिले दर्द सुनने वाला कोई अपना l
ईश्वर से कहो मन हो जायेगा हल्का अपना l
कम से कम ये बातें आगे नहीं जा पाएंगी ll
ईश्वर ने चाहा तो समस्या हल हो जाएंगी ll

ना करो चिंता दर्द जिंदगी का एक हिस्सा है l
आज मेरा तो कल किसी और का किस्सा है ll
दूसरो के दर्द  का कभी  मज़ाक ना बनाना l
क्या पता कल हमें ही पड़े ये दर्द सह पाना ll

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One Reply to “दर्द”

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