नया सा

आने से तेरे गम का हर पल गया सा लगता है.
नूर चेहरे से बरसते तेरे हर पल हया सा लगता है.
मैं तो मशगूल हूँ अपनी नाकामियो में फिर भी,
जाने क्यों तेरा चेहरा हर दम मुझे नया सा लगता है.

श्रेयस अपूर्व
भोपाल

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