पल – पल

पल – पल

पल – पल

बदलता सब कुछ यहां ,

जो कल था तूं , है वोह आज नहीं ,

है जो आज तूं , होगा वोह कल नहीं I

पल – पल

रचता यहां कुछ नया ,

जो था कल तक सच , जिंदा वोह आज नहीं ,

है लगता जो आज सच , मौत उसकी कल यहीं I

पल – पल

घटता बहुत कुछ यहां ,

जो रिश्ते कल बुने , देखा उनका अंत आज यहीं ,

ख्वाब नये जो देख रहा , होगा उनका भी अंत यहीं I

पल – पल

बदलती-रचती-घटती इस दुनिया मॆं ,

मन कैसे कहे ,  तुझे पा ही लिया ,

है विजय जानता अब ,

था जो कल , है वोह आज नहीं ,

है जो आज , होगा वोह कल नहीं I

                        

                                                    …… यूई विजय शर्मा

About UE Vijay Sharma

Poet, Film Screenplay Writer, Storyteller, Song Lyricist, Fiction Writer, Painter - Oil On Canvas, Management Writer, Engineer

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