प्यार करो तो प्यार मिलेगा

प्यार करो तो प्यार मिलेगा
जीवन सुन्दर उपहार बनेगा।

अपने तो अपने होते हैं
गैरों को भी तुम अपना समझो
बातें सबसे प्यारी कर लो
सभी संग तब सत्संग मिलेगा

फूलों से तुम खिलना सीखो
सुखद सुवासित संस्कार मिलेगा।
जीवन सुन्दर उपहार बनेगा।

सब धर्मों के ग्रंथ पढ़ो तो
सब में सबक इक समान मिलेगा
ऊँच नीच का भाव मिटावो
सबमें अच्छा इंसान मिलेगा

द्वेष घृणा का त्याग करो तो
सुख समृद्धि का संसार मिलेगा।
जीवन सुन्दर उपहार बनेगा।

दीन दुखी की पीड़ा समझो
दान धर्म से सम्मान मिलेगा
महल छोड़ कुटिया में जावो
तुमको भगवन का रूप दिखेगा

करुणा के सागर में उतरो
पल में घृणित अहंकार मिटेगा
जीवन सुन्दर उपहार बनेगा।

सत्गुण है सज्जन की शोभा
हर सज्जन में भगवान दिखेगा
सबका हित करने की सोचो
जीवन जीना आसान लगेगा

अच्छी अच्छी बातें से ही
सुसंस्कृति का आधार मिलेगा
जीवन सुन्दर उपहार बनेगा।

सबमें सत्गुण ढूँढ़ निकालो
पर दुर्गुण अपने दूर हटाओ
क्रोध कपट ग्लानि से बिंधकर
कभी ना किसी का क्लेश बढ़ावो

रोशन करने नाम जगत में
तुमको अवसर हर बार मिलेगा
जीवन सुन्दर उपहार बनेगा।

सबको अपना मीत बनाओ
सबसे घुलमिलकर रहना सीखो
हँसकर खिलकर मौज करो सब
मुस्कानों का इक बाग सजावो

हँसी खुशी से खेल खेल में
तुम्हें जग में सत्कार मिलेगा
जीवन सुन्दर उपहार बनेगा।

…. भूपेन्द्र कुमार दवे
00000

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.