मजाक एक हद तक

हम दूजे का मजाक तो पलभर में बना देते है l
किंतु स्वयं वो मजाक सहन नहीं कर पाते है ll
मजाक करने से पहले सहने की आदत डाले l
मजाक ऐसा हो जो दिल में ना चुभोये भाले ll

बाणो से लगे घाव तो कुछ दिन में भर जाते है l
किंतु कहे कड़वे शब्द दिल को छलनी कर जाते है ll
खुश रहने के लिए थोड़ा बहुत मजाक अच्छा है l
किंतु मजाक, मजाक ही रहे बस यही अच्छा है ll

मजाक करते समय अपनी जुबान पर लगाम रखे l
मजाक में हमेशा दूजे की भावना का ध्यान रखे ll
गंदा मजाक हमें पलभर की ख़ुशी तो दे सकता है l
किंतु दुसरो की नज़रों में हमारी छवि गिरा देता है ll

अतः करो मजाक इतना जो भाये सभी के मन को l
स्वयं को भी वो ख़ुशी दे और दुःख ना दे किसी को ll

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