मुक्तक- तू और मैं

मुक्तक — तू  और मैं 

तू आगे आगे था तूने पलटकर नहीं देखा

तेरे पीछे मैं था तूने पलटकर नहीं देखा।

तेरे पीछे किसका लहूलुहान नक्शे-कदम था

तेरा था या मेरा तूने पलटकर नहीं देखा।

              ——   भूपेन्द्र कुमार दवे


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