मेरे गीतों का परिचय

मेरे गीतों का परिचय

मेरे गीतों का परिचय
बहते आँसू देते हैं
पलकों को उपहार स्वयं
सहमे आँसू देते हैं

गीले गीले मोती दुख के
पीड़ा की जब माला बनते
गीतों में गूंथने के पहले
पल में बनते, पल में मिटते

मेरे गीतों की रचना
दुख के आँसू करते हैं
मेरे गीतों का परिचय
बहते आँसू देते हैं

वसंत बहार की डाली से
मुरझाये फूलों को चुनना
औ प्रकाश फैलाने जग में
बाती-सा है मुझको जलना

प्राणों को जीवन-रस बस
नीरस आँसू देते हैं
मेरे गीतों का परिचय
बहते आँसू देते हैं

आशा थकी-थकी सी अब तो
बनी मीत अंतिम है शायद
खोल द्वार जो टेर रही है
वह प्रतिक्षा अंतिम है शायद

अब गीतों को मूक बिदा
प्यासे आँसू देते हैं
मेरे गीतों का परिचय
गीले आँसू देते हैं
—- ——- —- भूपेंद्र कुमार दवे

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