“मेरे गीत”

मै गीत के बोलों से,
तुमको नचा डालू,
इन झङते फूलों से,
तेरा आंचल सजा डालू,
भंवरे की गुंजन सा,
इक राग बना डालू,
इक पुकार करो,
मैं तुमको अपना बना डालू,
इस बेरंग जीवन को,
रंगीन बना डालू,
तेरे संग इस सपने को ,
हकीकत बना डालू,

मैं गीत के बोलों से…
……………

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About "विराज़"

"Poet"

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