मैं तेरी तू किसी और का

सुनो जरा, आओ मेरे पास तो बैठो.
तुम्हे व्यथा सुनानी है इस दिल की.
ना हो खफा इसमें तुम्हारा कुछ ना जाएगा,
ये तो बस बाते हैं मेरे जीवन के महफ़िल की.

## मैं वो हूँ जिसपर तुमने ध्यान ना दिया.
उसपर जान लुटाते थे, मुझे पहचान ना लिया.
तुम पर गुजरे हैं मेरे पल, ज्यादा तुम्हारी जान से.
पर इस दिल ने तेरी खातिर अभिमान ना किया.
यूं तो सूनापन ही है मेरे जीवन की बगिया में,
यादो को भर लेगे तेरी, इस जीवन की महफ़िल में,
सुनो………..

## वक्त के समन्दर में ढूढ़ रहे हो जिसे,
वो शायद लौट के ना आये.
ना बदले चाहत हम दोनों की,
पर शायद वक़्त बदल जाए.
हर दिन जब ढूढ़ोगे उसे
मैं तुम्हे निहार लूँगी.
जब तुम बुलाओगे उसे अपने अंदर से,
मैं तुम्हे पुचकार लूँगी.
ये मेरा भूला स्नेह निमंत्रण है,चाहो तो इसे भुला देना,
ना दोगे फिर भी मैं प्यार कर लूँगी.
मेरे दिल की बाते तुम ना समझे पर मनमीत सही,
फिर पुकार लूँगी तुम्हे अकेले लम्हों के साहिल से.
सुनो…….

श्रेयस अपूर्वअपूर्व
भोपाल

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