शायरी-१०

आईने से पूछो, कि,
हम किससे प्यार करते है,

ता-उम्र बिताने का,
उसी से दम भरते है,

जो तस्वीर उतर,
आएगी सामने,

समझ लेना हम,
उसी से प्यार करते है ॥

‘विराज’

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"Poet"

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