शायरी-७

शब्दों की अहमियत, जब समझ आने लगे,
बन्द होठों से, जब लफ्ज़ फङफङाने लगे,

तो जान लेना कि:-
ये दिल अब अपना नहीं रहा ॥

‘विराज’

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"Poet"

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