संसार

संसार

अंधकार की स्वीकृति

तेजोमय प्रकाश है

भयावहता की विकृति

सुन्दरता की अनुकृति है

एक दूजे में गुथा हुआ

सुख –दुःख का भान है

जन्म की किलकारियों में

मृत्यु की थपकियाँ है

शून्यता में पूर्णता है

पूर्णता में शून्यता है

असुरत्व का उत्पात भी

देवत्व का साम्राज्य भी

विराटता की अवधारणा भी

लघुता में प्रचंडता भी

कर्म की प्रधानता भी

दंड का विधान भी

शुभता वरदान भी

संभावनाए अपार है

अद्भुत तेरा संसार है

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About पूनम सिन्हा

M.Sc. Zoology

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