सच कह दूँ पर कौन सुनेगा

सच कह दूँ पर कौन सुनेगा?
सच में सच का साथ न दोगे
कमजोरो को हाथ न दोगे ।
दोष सिद्ध निर्बल पर होता।
सबल पाप करता और सोता।
नीर क्षीर सा कौन चुनेगा।
सच कह दूँ पर कौन सुनेगा ।
सदय भाव अब हृदय न आते।
बदले की भावनाए पाले।
काम करते रहते काले।
पश्चाताप से कौन धुलेगा ।
सच कह दूँ पर कौन सुनेगा ।
घबराहट सच्चाई से ,
जैसे तीखी दवाई से,
दूरी है अच्छाई से ।
हितकारी पर कौन गुनेगा।
सच कह दूँ पर कौन सुनेगा ।
दीवारों के कान सुना है ।
जेलों के मेहमान सुना है
सच को परेशान सुना है ।
सब कह दूँ पर कौन सुनेगा ।
सच कह दूँ पर कौन सुनेगा ।
विन्ध्य प्रकाश मिश्र विप्र
नरई संग्रामगढ प्रतापगढ

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विन्ध्य प्रकाश मिश्र विप्र

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