समय का बदलाव

समय का बदलाव

जिसने कभी, तुझे चलना सिखाया l
जिसने कभी , तुझे अपने कंधो पर बिठाया l
जिसने तेरी मुस्कान को,अपना जीवन बनाया l
फिर आज क्यों तूने उसे ही बेगाना बनाया ?

जिसने गीले में सो, तुझे सूखे में सुलाया l
जिसने खुद भूखे रहकर,तुझे खाना खिलाया l
जिसने तेरी ख्वाइशों को, नये पंख लगाये l
फिर आज कैसे, तुम उन्हें भूल पाये ?

ईश्वर के बाद, जिसका आता है नाम l
हमारी दुनिया से, जो कराता है पहचान l
जिसने अपना जीवन तुम्हारे लिए बिताया l
उनके लिए तू पल-भर भी ना निकाल पाया ?

तुने नौ महीने ,जिसकी गर्भ में बिताये l
उन मुश्किलों में भी , वो माँ मुस्कुराती जाये l
जो बिन बोले, तेरे मन को समझ जाये l
आज क्यों तू ही,उसके मन को ठेस पहुँचाये ?

एक दिन इतिहास अपने आप को फिर दोराहेगाl
जब तेरा अपना ही तुझे समझ नहीं पायेगा l
तब चाहते हुए भी, तू कुछ नहीं कर पायेगा l
स्वयं गलती की है,तो दूसरों को क्या समझायेगा ?

किन्तु साथ ही ……………………..

समय के अनुकूल, माँ-बाप को भी बदलना होगा l
बच्चों की भावनाओं, को दिल से समझना होगा l
जिस दिन इन रिश्तों को,बड़े दोस्त की तरह निभाएंगे l
उस दिन ये रिश्तें और भी मजबूत हो जायेंगे ll

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