साँस जब चलती नहीं है।

साँस जब चलती नहीं है।

चलती है तो चलती है कुछ देर थमती नहीं है।

बहुत तकलीफ देती है साँस जब चलती नहीं है।

ढ़लती उम्र में भी यह कभी रहम करती नहीं है।

अलविदा कहने जरा भी संकोच करती नहीं है।।

             ….. भूपेन्द्र कुमार दवे

               00000 }],”`�䶾�

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.