साथ

” नहीं हो सकता अब वैसे” ये सुनकर तुम ने तो छोड़ दिया मुझको,
सोचो ” अब तुम्हारी नहीं” पर तो साथ ना छोड़ा था मैंने.

श्रेयस अपूर्व
भोपाल

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