हम-तुम

ढूंढती हर दिशा, तुमको मेरी नज़र,
खो गए तुम कहाँ, खो गए हम कहाँ,

हर तरफ इक मासूम चेहरा तेरा,
ढूंढे तुमको यहाँ कभी तुमको वहाँ,

किस अदा से तराशा उसने तुझे,
हर तरफ तु दिखे, तु दिखे हर जगह,

पाने की कोशिशें, मेरी अब खत्म ना हो,
कभी तुम लापता, कभी हम लापता ॥

“विराज”

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“Poet”

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