हे प्रभु, मैंने जीना सीख लिया है

हे प्रभु, मैंने जीना सीख लिया
तुम संग मैंने जीना सीख लिया ।

पहले तो मैने समझा था
इस जग में बस मैं ही मैं हूँ
जब से देखा दीन जनों को
तुझे खोजने लगा हुआ हूँ

इसी खोज में लगा हुआ अब
मैंनेे जीना सीख लिया है
हे प्रभु, मैंने जीना सीख लिया
तुम संग मैंने जीना सीख लिया।

डाल डाल पर, फुदक फुदक कर
चिड़ियाँ गाती हैं तेरे गीत
रंगबिरंगी फूलों पर जा
झूमे भ्रमर-सा जब संगीत

तेरी महिमा उनसे सुनकर
मैंने जीना सीख लिया है
हे प्रभु, मैंने जीना सीख लिया
तुम संग मैंने जीना सीख लिया।

मैं वनचर के दर्शन पाने
झरनों में जा भींग गया था
कलकल बहती नदिया तीरे
मैं सज्जन के संग गया था

उनसे सुनकर तेरी वाणी
मैंने जीना सीख लिया है
हे प्रभु, मैंने जीना सीख लिया
तुम संग मैंने जीना सीख लिया।

छोटी-सी कुटिया के भीतर
नन्हा दीपक दमक रहा था
जिसकी लौ में निर्धन कोई
तुममें डूबा दमक रहा था

उससे तेरा रूप समझकर
मैंने जीना सीख लिया है
हे प्रभु, मैंने जीना सीख लिया
तुम संग मैंने जीना सीख लिया।
… भूपेन्द्र कुमार दवे
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