सुन लो हमारी कहानी ये प्यारी

सुन लो हमारी कहानी ये प्यारी सुन लो हमारी कहानी ये प्यारी जिससे जुड़ी है हर याद हमारी   न हमको पता है, न तुमको पता है हर डाल से लिपटी क्यूँ कर लता है ये बाग भी महक से क्यूँकर सजा है   पायल पहनकर क्यूँ नाचे हवा है क्यूँ शाख पर हर इक पत्ता हरा है लगता है जैसे इन सबको पता है   कितनी हसीं थी ये दास्ताँ हमारी आवो फिर कह दें, सबसे ये कह दें   सुन लो हमारी कहानी ये प्यारी जिससे जुड़ी है हर याद हमारी …… बनठन के निकले खुश्बू छलकती उड़े Continue reading सुन लो हमारी कहानी ये प्यारी

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तेरे गीतों की गुंजन हो

  तेरे गीतों की गुंजन हो ले चल मुझको जहाँ             तेरे गीतों की गुंजन हो तेरे गीतों संग             शब्द अर्थ का संभाषण हो             जहाँ आँसू की सखि आँखें                         स्वप्न-नीड़ में खोई हों             या मुस्काती पलकें भी                         पलने में बस सोई हों जहाँ सरस सृष्टि का             पावन रस, पुलकित स्पंदन हो ले चल मुझको जहाँ             तेरे गीतों का गुंजन हो             जहाँ कौतुक क्रीड़ा करती                         पायल हो पग में, उर में             या लाज भरे दर्पण-छवि के                         कंपित कंगन हो कर में चातक, चाँद, चकोर             चाँदनी और चिर चिंतन हो Continue reading तेरे गीतों की गुंजन हो

आलोचना

मज़ा आता है, दूजे की बुराई में l ये दिल बाग़-बाग़ हो जाता है ll औरो के लिए समय हो न हो l इसके लिए समय निकल जाता है ll बेशक लाख कमियाँ हो अपने में l वो कभी किसी को नज़र नहीं आती ll दूजे की एक कमी को पाकर l बार-बार उंगलियों पर गिनी जाती ll जितना समय लगाते है बुराई में l यदि वो समय अच्छाई में लगाये ll इससे अपनी कमियाँ भी दूर होंगी l1 और शायद दूजे को अपनापन दे पाये ll समय किसी के रोके नहीं रूकता l फिर बुराई में क्यों समय गवाना Continue reading आलोचना

मान-सम्मान

पैसा हो तो अनपढ़ भी, बन जाता समझदार l बिन पैसो के पढ़ा-लिखा भी,कहलाता गवार ll पैसो वालो के आगे-पीछे, भागे-भागे दौड़े l गरीब सामने आ जाये तो, अपनी नज़रे मोड़े ll मुँह देखकर होते है टीके, पूछ उन्ही की होती है l जिनके पास पैसा होता है, उनकी वाह-वाह होती है ll पैसो वालो की गलती पर, पर्दा डाला जाता l गरीब करे तो उसी बात को, खूब उछाला जाता ll जानते है कोई किसी को, कुछ नहीं दे जाता l फिर क्यों पैसे की चमक में,ये इंसा खो जाता ll सबकी है अपनी एक इज्जत, सबका अपना ईमान Continue reading मान-सम्मान