चापलूसी

मेरी कुछ पंक्तिया है आजकल जो बहुत चापलूसी चलती है उसके उपर, शायद यह कविता किसिको पसंद ना आये, पर आप जरा आपने इर्द-गिर्द़ गौर से झांकोगे तो शायद आपको इस कविता का एहसास जरुर होगा, कृपया पूरा पढे ओर पसंद आये तो जरुर शेअर करे *चापलूसी* हमने देखा है, नाकामियों को बहुत कुछ मिलते हुये, और काम करनेवालों को हमेशा उम्मीद मिलते हुये, यहा चापलूसीवालों का होता है हमेशा जयजयकार, उनको ही मिलती है बढाव और बोनस मेरे यार खासीयत होती है उनमे कुछ खास, चाटने से ही मिलती है उने खुशी का एहसास बिचारे काम करनेवाले काम ही Continue reading चापलूसी

प्यार क्या है ?

प्यार क्या है ?. आशा है … उम्मीद है … या रोज रोज टूट.. सा जाना॥ या खुद से रूठ कर खुद को ही मनाना… प्यार जो भी हो पर बहुत अनमोल हो तुम इसीलिए मुसकाने उम्मीद रखता हूँ॥ तुम्हारे दिल मे रहकर भी मै तुमसे दूर रहता हूँ प्यार जो भी हो ॥ पर पगली तुम दिल मे बसती हो… तुम कहती हो पागल सदा मुझे क्या ऐसे ही चाहोगे ! मेरा कहना है बस तुमसे …सुनो पगली कभी फुर्सत मिले तो सोचना बस इतना… क्यो अब चुपचाप रहता हूँ, क्यो अब मै कुछ नही कहता… क्यो सिर्फ खामोशी Continue reading प्यार क्या है ?

तुम्हें पगली इजाजत है

तुम्हें पगली इजाजत है ..मेरी यादे मिटा देना। बिलकुल इजाजत है ..जब चाहो भुला देना।। तुम्हें पगली इजाजत है ..नये तुम ख्वाब बुन लेना ॥ मै सच अगर.. नजरों गिर चुका हु तो… बिलकुल इजाजत है ..नया साथी तुम चुन लेना ।। तुम्हें सच्ची इजाजत है ..मेरी कभी फिक्र मत करना॥ तस्वीर तुम्हारी ले के अब साथ बैठता हु जिसे देखकर मै हमेशा तुम्हारे चेहरे पर आने वाले बाल तुम्हारे कानों से लगा देता हू॥ जो तंग करते है तुम्हे .. अोर जब कोइ नही होता.. थोड़ी बातें भी कर लेता हु तुम्हारे जबाब मुझे पता ही होते है ना।। Continue reading तुम्हें पगली इजाजत है

रंग बदलना (व्यंग)

मेट्रो में सवारी करने का मिला मौका l उसमे चल रहा था ठंडी हवा का झॉका l स्टेशन आया रुकी गाड़ी, डोर खुला l और तभी चढ़ी कुछ अबला नारी l तभी हो गयी मुझसे एक गलती भारी l एक नारी को महिला कहकर क्या बुलाया l उसका चेहरा गुस्से से तमतमाया ll बोली ……………………………… क्या मै तुम्हें महिला नजर आती हूँ l मेरी उम्र ही क्या है अभी तो मै l खुद एक बच्ची नज़र आती हूँ ll मै बोला ……………………….. माफ़ करना महिला कहकर नहीं बुलाऊंगा l सबको अपने से कम उम्र का ही बताऊंगा ll समय बिता……………………………. Continue reading रंग बदलना (व्यंग)