सभ्यता रोती रहे पर आदमी रोता नहीं है

सभ्यता रोती रहे पर आदमी रोता नहीं है करवट बदलती रात हैं आदमी सोता नहीं है। प्यार की धरती हमारी द्वेष घृणा को सोंप दी है सत्य की सीने पर असत्य की खंजर घोंप दी है नफरत की आग में भी अच्छाइयाँ सभी झोंक दी हैं श्रद्धा की हर निशानी हरेक माथे की पोंछ दी हैं। उम्रकैद पाये बिना आदमी मरता नहीं है खौफ इस बात का है कोई भी डरता नहीं है। घायल तो हरेक है आह कोई भरता नहीं है घाव सभी रिसते तो हैं कोई चीखता नहीं है। कटघरों में खड़ा करो हर पाप मिट जावेगा जो Continue reading सभ्यता रोती रहे पर आदमी रोता नहीं है

साँस जब चलती नहीं है।

साँस जब चलती नहीं है। चलती है तो चलती है कुछ देर थमती नहीं है। बहुत तकलीफ देती है साँस जब चलती नहीं है। ढ़लती उम्र में भी यह कभी रहम करती नहीं है। अलविदा कहने जरा भी संकोच करती नहीं है।।              ….. भूपेन्द्र कुमार दवे                00000 }],”`�䶾�

तुम गर मेरा साथ निभावो

तुम गर मेरा साथ निभावो पतझर भी मुझको मधुमास लगेगा मुझको मेरा जीवन खास लगेगा। सुख तो है श्रंगार स्वयं का पर शुभ अवसर का प्यासा है दुख छलका करता है जिसमें जीवन आँसू का प्याला है। तुम गर आँसू पोंछ सको तो विष में भी अमृत का वास दिखेगा मुझको मेरा जीवन खास लगेगा। मूक स्वरों को उर से चुनकर मधुर रागिनी गा पाऊँगा पीड़ा के व्याकुल सुर सारे मुस्कानों से सजने दूँगा तुम संगीत प्रवाह बनो तो मेरे गीतों को नवसाज मिलेगा मुझको मेरा जीवन खास लगेगा। हर पथ पर काँटें हैं बिखरे पग पग पर हर पल Continue reading तुम गर मेरा साथ निभावो

शुरु जो की थी कहानी वो हमको पूरी करना है।

शुरु जो की थी कहानी वो हमको पूरी करना है। कुछ बातें हैं जो मिलजुलकर हमको पूरी करनी है। न कहें कि सपना अधूरा था या वादा झूठा सपना था कसमों का व्यर्थ झमेला था रस्मों का ढोंग धतूरा था जो थी दिल की बातें सुन्दर सबको पूरी करना है। शुरु जो की थी कहानी वो हमको पूरी करना है। जब शंकित मन घबराता है इक दूजे का तड़पाता है खुद पीड़ित हो पीड़ा देना अपनेपन को कलपाता है अंतिम साँसों तक की गिनती हमको पूरी करना है। शुरु जो की थी कहानी वो तुमको पूरी करना है। महकाये जो Continue reading शुरु जो की थी कहानी वो हमको पूरी करना है।

प्यार करो तो प्यार मिलेगा

प्यार करो तो प्यार मिलेगा जीवन सुन्दर उपहार बनेगा। अपने तो अपने होते हैं गैरों को भी तुम अपना समझो बातें सबसे प्यारी कर लो सभी संग तब सत्संग मिलेगा फूलों से तुम खिलना सीखो सुखद सुवासित संस्कार मिलेगा। जीवन सुन्दर उपहार बनेगा। सब धर्मों के ग्रंथ पढ़ो तो सब में सबक इक समान मिलेगा ऊँच नीच का भाव मिटावो सबमें अच्छा इंसान मिलेगा द्वेष घृणा का त्याग करो तो सुख समृद्धि का संसार मिलेगा। जीवन सुन्दर उपहार बनेगा। दीन दुखी की पीड़ा समझो दान धर्म से सम्मान मिलेगा महल छोड़ कुटिया में जावो तुमको भगवन का रूप दिखेगा करुणा Continue reading प्यार करो तो प्यार मिलेगा

अपनों के अहज़ान का अहसास अज़ीजों को ही होगा

अपनों के अहज़ान का अहसास अज़ीजों को ही होगा, दर्द हद से गुज़रता है तो अश्क अब्सारों में सूख जाते हैं| हँसते चेहरे से ख़ुशी का अंदाजा लगाना मुनासिब नहीं, कई मर्तबा तो ग़मों को छुपाने के लिए लोग मुस्कुराते हैं| मेरी नज़र में मुफ़लिस तो वो अहसान फरामोश लोग हैं, देखो फ़कीरों की अमीरी मुफ़्त लाखों दुआएं दे जाते हैं| ज़िन्दगी में सामना होता है सबका अक्सर परेशानियों से, बुलंद इरादों वाले टिकते हैं कमज़ोर अक्सर टूट जाते हैं | मुसीबतों का सैलाब आता है तो कुछ ज़रूर सिखाता है, तमाम सबक लेते हैं गुमान में अंधे अक्सर डूब Continue reading अपनों के अहज़ान का अहसास अज़ीजों को ही होगा