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Posted by: shreyas apoorv
« on: April 05, 2015, 05:49:09 PM »

कुछ रिश्ते होते ही हैं टूटने के लिए, उन्हें जोड़ कैसे सकता हूँ मैं.
तेरे दिल से सीखा है मैंने बेवफाई करना,
उसे छोड़ कैसे सकता हूँ मैं.

श्रेयस अपूर्व
भोपाल