Kavyakosh- Complete collection of Hindi Poems

Kavya Kosh - General Category => General Discussion => Topic started by: admin on January 14, 2011, 09:58:14 PM

Title: Introduce yourself
Post by: admin on January 14, 2011, 09:58:14 PM
अपना परिचय यहाँ दीजिये.. आप क्या करते हो? आपकी पसंद क्या हे, और आपको कविता करने की आदत कब लगी. ;)
Title: Re: Introduce yourself
Post by: kkmod on January 21, 2011, 03:32:16 PM
आप क्या करते हो?  Software Developer

आपकी पसंद क्या हे, Marathi (http://www.marathikavita.co.in) aur Hindi kavita padhna

आपको कविता करने की आदत कब लगी. PaidaEshi hai :)
Title: मैं , राहुल ...
Post by: clikrahul on June 12, 2011, 08:42:00 AM
मैं , राहुल ... पुणे का निवासी , बैंगलोर की एक निजी संस्था में कार्यरत .

हिंदी काव्य से पुराना रुझान है और मेरा ये प्रयास होगा कि अपने काव्य संकलन से विभिन्न विषयों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कर के आप सभी का मनोरंजन कर सँकू .

सम्मान सहित ,

राहुल
बैंगलोर
१२ जून , २०११ 
Title: Introduction
Post by: Sajan Murarka on January 16, 2012, 04:38:45 PM
 :-*
आप क्या करते हो? Businessman
आपकी पसंद क्या हे, Writing of Hindi Kavita
आपको कविता करने की आदत कब लगी. Since schooling
Title: Re: Introduce yourself
Post by: सत्येंद्र पुरोहित on January 23, 2012, 10:28:38 PM
मेरा नाम सत्येंद्र पुरोहित है । मैं इंजीनियर हु ! मुझे हिंदी कविता लिखना पसंद है ,में बचपन से कविता लिखने में रूचि रखता हू
Title: Re: Introduce yourself
Post by: admin on January 23, 2012, 10:49:59 PM
काव्यकोश मे आप सबका स्वागत है। :)
Title: Re: Introduce yourself
Post by: prakharmishr on April 26, 2012, 03:54:37 AM
उफ्फ़ ये उमस  ,इफरात में घूमते,कभी जो है ही नहीं उसे तलाशते ,ये आवारा कदम थक गये,तो सुस्ताने आ गया यहाँ ,लबों पर कभी तरबीज तो कभी तहजीब की दुहाई देते कई के हजारों ताले है , तो मेरा दिल उँगलियों पर फिसल आया ......और मै यहाँ ...............।मैं प्रखर मिश्रा  पेशे से फिल्म मेकर हूँ ,दिल से इंसान (मुझे लगता है कि पेशा हमें इन्सानियत से कुछ दूर कर देता है ) इंसान बना रहूँ इसलिए पेशे से खुस दूर खिसक लिख लिया करता हूँ कभी उन खुशियों को जो मैंने जी ली हैं कभी उन्हें जो जी नहीं जी पाया, कुल मिला कर इतना कह सकता हूँ कि लेखन मुझे पूर्ण करता है
Title: Re: Introduce yourself
Post by: admin on April 29, 2012, 11:38:33 PM
प्रखर मिश्रा जी ..काव्यकोश पर आपका हार्दिक स्वागत ..।   :)
Title: Re: Introduce yourself
Post by: ramkishan950 on December 05, 2012, 11:31:57 PM
नमस्कार, admin जी
मैं रामकिशन सुथार .. मैं एक विधार्थी हूँ  । मैं अपना जीवन इंसानियत के उदहारण के रूप में व्यतीत करना चाहता हूँ।
मैंने  कविता, काव्य लिखना कक्षा-7वीं  से शुरू कर दिया था। मुझे शायरी, कविता में बहुत दिलचश्पी है।।।।।
आपका बहुत धन्यवाद, जो आपने काव्य कोष का आँगन बनाया ... ।
Title: Re: Introduce yourself
Post by: Nandkishor on December 20, 2012, 05:28:46 PM
नमस्कार,  मेरा नाम नंदकिशोर राजपुरोहित है।
 राजस्थान से हूँ .
Title: Re: Introduce yourself
Post by: admin on December 20, 2012, 05:48:21 PM
नंदकिशोर जी,
काव्यकोश मे आपका हार्दिक स्वागत।
कृपया आपके बारे मे थोड़ी बाते बता सकते है, जैसे की आप कविताए कब पड़ते और लिखते हो ?
आपको कविताए कबसे पसंद है ?

धन्यवाद
Title: Re: Introduce yourself
Post by: Abhay Kumar Gupta on April 02, 2013, 02:24:43 PM
प्रणाम
हिंदी को गौरवशाली आयाम मिले उसके लिए काव्य कोष एक सराहनीय प्रयास है, पेशे से अभियंता हूँ, जीवन के विभिन्न सोपानों ने कविता या गद्य लेखन की और बरबस मोड़ दिया, कब कैसे हुआ ये सब पता नहीं, प्रेम और भक्ति पे लिखते लिखते , विद्रूप हो चुके नेत्रत्व ने अब व्यंग पर ला पटका है, माँ सरस्वती का आशीर्वाद कैसे संभाल पाउँगा ,कह नहीं सकता .
--जय हो सट्टे के महा-समर----
महा समर सट्टे का शुरू हो गया, अप्रेल में देश मशरूफ हो गया ,
एक नंबर में दो नंबर का धंधा , गली गली मशहूर हो गया,
प्यास लगे न भूख लगे , हर माँ के सर का दर्द हो गया,
इसे तो अफीम भली थी ? शान्ति तो घर में रहती थी,
बाप बेटे के बीच में भैय्या , शर्त लगाना शुरू हो गया,
भाभी थाली पटक गई हैं , बाप बेटे को होश नहीं है ,
सट्टा समीकरण फ़ैल हुआ यूँ , बाप हार बेटे से गए हैं,
ठंडी रोटी चबा रहे हैं , आंख ही आँखों में अब बेटे को चबा रहे हैं,
बेटे ने कारण पूछा तो , तेरी माँ को मनाऊं कैसे ,
फटी जेब अब दिखा रहे हैं ,
--जय हो सट्टे के महा-समर----
Title: Re: Introduce yourself
Post by: अनिल चिंतित on July 20, 2013, 08:50:00 AM
अनिल शर्मा
Title: Re: Introduce yourself
Post by: admin on July 20, 2013, 11:17:02 PM
अभय कुमार गुप्ता और अनिल शर्मा जी,
आपका काव्यकोश मे आपका हार्दिक स्वागत। :)
Title: Re: Introduce yourself
Post by: dineshcharan on November 06, 2014, 12:36:15 AM
नमस्कार राहुलजी
मै पेशे से एक बैंकर हु
और दिल से एक साहित्य प्रेमी और रचनाकार
ऐसा याद आता है की कक्षा 5 से लिख रहा हु
सेकड़ो कविताये कुछ कहानिया और अब 2 उपन्यास पर
कार्य कर रहा हु  ।
ऐसा शानदार मंच प्रदान करने के लिए आप बधाई के हक़दार है ।

Title: Re: Introduce yourself
Post by: admin on November 06, 2014, 11:14:35 AM
दिनेश चरणजी,
आपका काव्यकोश मे आपका हार्दिक स्वागत।
Title: Re: Introduce yourself
Post by: Bipul Sijapati on November 07, 2014, 11:04:06 AM
मैं, विपुल सिजापति । मैं काठमाण्डुका रहनेवाला हूँ और यहीँके एक संस्था में कार्यरत हूँ ।

मेरा साहित्यमे रुझान है और नेपाली साहित्यका बिद्यार्थी हूँ । मेरा कास्कोल नामसे एक कथासंग्रह प्रकाशित होचुका है । मेरा हिंदी काव्यमे भी आशक्ति है और मै अपना नेपाली रचनाओंको हिन्दिमे रुपान्तरण करके आप सभी का मनोरंजनके लिए प्रेषित करता हूँ ।

सम्मान सहित ,

विपुल सिजापति
काठमाण्डौं, नेपाल ।
७ नोभेम्बर, २०१४ 
Title: Re: Introduce yourself
Post by: Prieyranjan_Priyam on November 07, 2014, 11:44:18 AM

अपना परिचय यहाँ दीजिये.. आप क्या करते हो? आपकी पसंद क्या हे, और आपको कविता करने की आदत कब लगी..

मै क्लीनिकल रिसर्च में पारा-स्नातक कर रहा हूँ.मै पिछले ४ सालों से बैंगलोर में रहता हूँ.मुझे कविता लिखना और छोटे मोटे आर्टिकल्स लिखना बहुत पसंद है .जब मै ११ साल का था तब मैंने रिकेट पर कविता लिखना शुरू किया था जो की सचिन पर था.धीरे धीरे मैंने कुछ सालों तक क्रिकेट पर ही लिखता गया पर उसके बाद मैं अपने बड़े भाई से प्रेरि होके क्रिकेट के अलावा भी कविता लिखना शुरू किया .
Title: Re: Introduce yourself
Post by: hemlata on November 07, 2014, 02:07:51 PM
अपना परिचय यहाँ दीजिये.. आप क्या करते हो? आपकी पसंद क्या हे, और आपको कविता करने की आदत कब लगी. ;)

सर ,
मेरा नाम हेम लता है और मैं एक गृहणी हूँ ,मैं लखनऊ में जन्मी और दिल्ली में रहती हूँ ॥
कविता लिखने का शौक थोड़ा बहुत था बचपन मैं मेरी एक -दो कवितायेँ लोकल न्यूज़ पेपर में भी छपी. और शायद इसी वजह से आज भी कविता लिखने का शौक बरक़रार है ॥ मुझे धीमा और पुराना  संगीत पसंद है
Title: Re: Introduce yourself
Post by: Manvendra on November 07, 2014, 02:26:41 PM
मेरा नाम मानवेन्द्र प्रताप सिंह
मै एक   NGO में MIS officer  के पद पर काम करता हूँ
कविता कहने का शौक मुझे सन २००० से है जब मै हाई स्कूल में था 
Title: Re: Introduce yourself
Post by: sanjay.negi.902604 on November 08, 2014, 02:27:29 PM
मैं  संजय नेगी
रुद्रप्रयाग उत्तराखण्ड
महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा लि० हरिद्वार आटोमोटिव सेक्टर मे जाब. करता हूं।
मुझे  बच्चों से कविता का शोक है।
मैंने कविताएं लिखना कक्षा  9वीं से शुरू  की।
मेरे लिए कविताएं उतनी ही जरूरी हैं  जितना कि जीने के लिए सांसों  की जरूरत होती है।
Title: Re: Introduce yourself
Post by: Suyash Shukla on November 13, 2014, 07:04:51 PM
सुयश शुक्ल
गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश
बारहवीं कक्षा विद्यार्थी मॉडर्न अकादमी स्कूल
मैंने कविताएँ लिखना कक्षा दसवीं से आरम्भ किया
मेरे विचार हैं कि एक मानव के जीवन का सर्वश्रेष्ठ विशलेषण कविताओं के माध्यम से हो सकता है

"आत्मा के सौंदर्य का शब्द रूप है काव्य , मानव होना भाग्य है कवी होना सौभाग्य "
Title: Re: Introduce yourself
Post by: admin on November 14, 2014, 03:46:12 PM
आपका काव्यकोश मे आपका हार्दिक स्वागत। :)
Title: for intoducing myself
Post by: Amardeep kumar on January 17, 2015, 09:18:36 AM
नमस्कार दोस्तों,
      मैं अमरदीप कुमार
बी एच यू का बी ए प्रथम वर्ष का विद्यार्थी हूँ।
Title: Re: Introduce yourself
Post by: Amardeep kumar on March 30, 2015, 05:27:00 PM
शुभ संध्या दोस्तों।
     मैं अमरदीप कुमार,बी ए प्रथम वर्ष का छात्र हूँ।बी एच यू के चरणों में जगह मिली है।और कविता लिखना तो पसंद है, कविता पढ़ना और भी ज्यादा।
    और अंत में अडमिन को बहुत बहुत धन्यवाद।
Title: Re: Introduce yourself
Post by: admin on March 31, 2015, 09:42:01 AM
Dhanyavaad amardeep