Kavyakosh- Complete collection of Hindi Poems

Kavya Kosh - Hindi Poems => Hindi Desh Bhakti Geet/Kavita => Topic started by: Vindhya on April 01, 2015, 04:25:21 AM

Title: My Humble Tribute to Shaheed Hemraj
Post by: Vindhya on April 01, 2015, 04:25:21 AM
शहीद भगत सिंह व उनके साथियों के साथ, आज याद करें उस वीर जवान हेमराज को भी जिसने पिछले ही बरस वतन के लिए अपना शीश कटा दिया पर झुकाया नहीं| पाकिस्तानी सेना ने इस वीर का सिर धड़ से अलग करके जहाँ अपने कायर व कमजोर होने का सबूत दिया वहीँ इस वीर सपूत ने, अपना सिर कटने से ठीक पहले, "भारत माता की जय" का जयकारा लगाकर भारत माता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया|
कई बार सोचती हूँ कि आखिर किस मिटटी के बने होते हैं यह वीर और आखिर चलता क्या है उनके मन में?
शहीद हेमराज की शहादत के कुछ माह बाद, एक दिन, बेटे ने स्कूल में होने वाले "फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन" (fancy dress competition) के लिए जब हेमराज का रूप लिया और 'भारत माता कि जय' का नारा लगाया तो शायद वीर हेमराज के हृदय की आवाज़ और रगों के खौलते रक्त ने इन पंक्तियों का रूप ले लिया|  इस वीर के मन का मंथन करने का प्रयास करते हुए मेरी यह पंक्तियाँ समर्पित कर रही हूँ उन तमाम देशभक्तों को, जो कल भगत सिंह व आज हेमराज कि भांति देश के लिए अपना सिर कटाने को सदा तैयार रहते हैं पर इसे झुकाना, न इन्हे मंजूर था न है !!
शत शत नमन करती मेरी यह पंक्तियाँ...

(https://imageshack.com/i/ipmgFeSJj)

भारत माता की जय .....भारत माता की जय
गूंजा करता सदा यही माता मेरे कर्णो में...

रग-रग तूने सींची माता पग-पग तुझसे संवरा है,
हर कण तेरा पावन माता, हर कण की है तू विधाता ....

सौगंध तेरी न रुकने दूंगा, तेरे आँचल की सब लहरों को...
शपथ मुझे सीने पर लूंगा दुश्मन के सब कहरों को ...

तुझपर मरकर मिट-मिट जाना, चाहूँ सारे जन्मों में...
 देशभक्ति का लहू खौलता माता मेरी धरणो में ....

आँख उठा देखा जिसने, लिखा जायेगा मरणों में...
तेरी रक्षा करते जीना-मरना, आता मेरे धर्मो में...

ऐसे कई शीश न्यौछावर...ऐसे कई शीश न्यौछावर...
माता तेरे चरणो में ...माता तेरे चरणो में!!