Kavyakosh- Complete collection of Hindi Poems

Kavya Kosh - Hindi Poems => Hindi Festival Poems => Topic started by: Sajan Murarka on April 05, 2015, 02:58:44 PM

Title: एक निवेदन प्रीत के त्यौहार पर:---
Post by: Sajan Murarka on April 05, 2015, 02:58:44 PM
एक निवेदन प्रीत के त्यौहार पर:---

क्षमा देही
सब स्नेही
लिखता नहीं
प्रतिक्रिया कोई
आदत है यही
उपेक्षा नहीं
मंतव्य से ही
ऊर्जा रही
पसंद करे जोई
उत्साहित होई
आभार प्रकट ही
शुक्रिया सेही
क्षमा कर देही...........

रंग बरसे,हृदय हर्षे
मिलन हो दिल से
त्यौहार नीभे प्रीत से
क्षमा शिकवा शिकायत से
स्नेहिशीष चाहिये आप से
धन्यवाद देता दिल से
प्रतिक्रिया पे मंतव्य से
बचता रहा सदा से
उपेक्षा नहीं, आदत से
मान लेवें उदारता से
चले सिलसिला ऐसे
अनुमति प्राप्त हो सब से
उत्साहित करें फिर से
करजोड़ विनती मन से

सजन