Kavyakosh- Complete collection of Hindi Poems

Kavya Kosh - Hindi Poems => Other Hindi Poems => Topic started by: Sajan Murarka on April 05, 2015, 04:52:37 PM

Title: सुन्दरता के प्रेमी
Post by: Sajan Murarka on April 05, 2015, 04:52:37 PM
वही सुनी सुनाई बात
कई तरह, हरबार
कई कई प्रकार
बहुतों ने सुनाई
अलग अलग अंदाज
शब्दों को संजोकर
अल्फ़ाज़ों में समेटकर
बार बार, कई बार
पर उनसे सुनकर
बेहद खूबसूरत लगा
हर कोई फ़िदा उस पर
वाह, वाह कितना सुन्दर
तारीफ का स्तर
गिर रहा उछाल खाकर
ऐसी कोई बात नहीं थी
उस अभिव्यक्ति में
सिवाय कहने वाली
बला की खूबसूरत
हुस्न की मलिका
और जवानी के दहलीज़ पर
सभी सुन्दरता के प्रेमी
खूबसूरती की तारीफ
कर रहे थे लेख को माध्यम बनाकर
आश लगाये
कंही वह ध्यान आकर्षण में
सफल हो जाये
झुटा ही सही गुण गान कर

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