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Author Topic: स्वेथारी  (Read 550 times)

Offline nikita.tari.7

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स्वेथारी
« on: August 04, 2013, 01:28:26 AM »
मेरी प्यारी स्वेथा,
वैसे तो तुझे कुछ नहीं आता,
पर तेरा यही प्यार ही तो है,
जो मुझे हर पल है भाता,

पसंद है तुझे आगरे का पेठा,
और अपना तारक मेहता का जेठा,

माँ बाप मानते है तुझे उनका पहला बेटा,
नरेंद्र मोदी तेरा फेवरेट नेता,

जैसे रोटी के लिए जरूरी है आटा,
वैसे ही है अपना गहरा नाता,

तुझे अच्छी लगती है चप्पल बाटा,
और मेरे दिल को तेरे दोस्ती के कीड़े ने काटा,

मेरा दिल हमेशा अपने दोस्ती के गाने गाता,
तू बन जाती है कभी कभी मेरी माता,

चाहिए तुझे लड़का बिरला अंबानी या टाटा,
शूकर माना तेरी बकवास पे नहीं मारा मैंने तुझे चाटा,

अब दोस्ती का इजहार करने ज्यादा नहीं आता,
पर तुझमे मे ही है मेरा दिल समाता,

अच्छी कविताए लिखना मुझे नहीं आता, 
पर ये छोटी सी कोशिश करने मे मेरा क्या है जाता,

बहुत सारा प्रेम... मेरी प्यारी बंटलु

लव यू,
तेरी निकिता  <3 <3   :-* :-*
« Last Edit: August 04, 2013, 01:43:52 AM by admin »

Offline tripti.mishra

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Re: स्वेथारी
« Reply #1 on: August 04, 2013, 01:59:55 PM »
आपकी कविता बहुत क्यूट है.।
:)