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Author Topic: जागो- कहीं बहुत देर न हो जाए.......  (Read 18622 times)

Offline shailendra.bisariya

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मिलता तो हूँ मे सबसे मगर, दिल खोया-खोया रहता है ।
क्यूं अपने-अपने मतलब में यहौ, हर क़ोई डूबा रहता है ।।
     जिसको चिंता देश की है, वो फौजी बन शहीद हो जाता है ।
     पैसे का भूख़ा- या तो चोर, या फिर नेता बन जाता है ।।
पहले थी बात - हिन्दू और मुसलमान की, गोधरा और गुजरात के दर्दनाक हत्याकांड की ।
पहले थी बात - हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की, बांग्लादेश और काश्मीर के पोलिटिकल स्वरूप की ।।
    पहले थी बात - उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड की, तेलंगाना झारखंड और बुंदेलखंड के विभाजन की ।
    पहले थी बात- बोफोर्स और विदेशों मे छिपे काले धन की, सत्यम-ताज-फिक्सिंग-हवाला और तहलका कांड की ।।
आज शर्म से झुका है सिर! (16 दिसम्बर की अमानवीय घटना - क्रूरता की हद पार- जो अभी भी थमी नहीं हैं)
भारत शर्मसार हुआ है, सारे जग में बदनाम हुआ है ।।
    बात है ये- हैवानियत के अंत की, और घूसख़ोरों के अधीन इस प्रजातन्त्र की मुक्ति की ।
    कहीं ऐसा  न हो कि - फिर से बन जाएँ हम ग़ुलाम, और बेचे जाएँ - फिर से क़ोड़ियों के  दाम ।।
अब ये आप पर निर्भर करता है, क्या आप अब भी चुप बैठे रहेंगे !
या इन आत्ताईओं के समूल नाश को, मिलकर सब आगे बड़ेंगे ।।
     अगर अब भी नहीं जागे, तो कल- निश्चित ही पछतायेंगे ।
      इन दुर्व्यवहारी लोगो से, कब तक - हम आप भी बच पाएंगे ।।

इसलिये- आओ मिलकर हम बड़ें, रखकर खुद पर पूर्ण विश्वास ।
हम होंगे कामयाब- होगा भारत खुशहाल, और होगा इन अत्याचारियों का समूल नाश ।।
                         
       
                               जय हिन्द!
                                                                                    शैलेन्द्र "गुंज" बिसारिया
« Last Edit: August 16, 2013, 02:19:51 AM by shailendra.bisariya »

Offline tripti.mishra

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बहुत अच्छी रचना.।

Offline shailendra.bisariya

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धन्यवाद tripti जी

sunil parashar

  • Guest


मिलता तो हूँ मे सबसे मगर, दिल खोया-खोया रहता है ।
क्यूं अपने-अपने मतलब में यहौ, हर क़ोई डूबा रहता है ।।
     जिसको चिंता देश की है, वो फौजी बन शहीद हो जाता है ।
     पैसे का भूख़ा- या तो चोर, या फिर नेता बन जाता है ।।
पहले थी बात - हिन्दू और मुसलमान की, गोधरा और गुजरात के दर्दनाक हत्याकांड की ।
पहले थी बात - हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की, बांग्लादेश और काश्मीर के पोलिटिकल स्वरूप की ।।
    पहले थी बात - उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड की, तेलंगाना झारखंड और बुंदेलखंड के विभाजन की ।
    पहले थी बात- बोफोर्स और विदेशों मे छिपे काले धन की, सत्यम-ताज-फिक्सिंग-हवाला और तहलका कांड की ।।
आज शर्म से झुका है सिर! (16 दिसम्बर की अमानवीय घटना - क्रूरता की हद पार- जो अभी भी थमी नहीं हैं)
भारत शर्मसार हुआ है, सारे जग में बदनाम हुआ है ।।
    बात है ये- हैवानियत के अंत की, और घूसख़ोरों के अधीन इस प्रजातन्त्र की मुक्ति की ।
    कहीं ऐसा  न हो कि - फिर से बन जाएँ हम ग़ुलाम, और बेचे जाएँ - फिर से क़ोड़ियों के  दाम ।।
अब ये आप पर निर्भर करता है, क्या आप अब भी चुप बैठे रहेंगे !
या इन आत्ताईओं के समूल नाश को, मिलकर सब आगे बड़ेंगे ।।
     अगर अब भी नहीं जागे, तो कल- निश्चित ही पछतायेंगे ।
      इन दुर्व्यवहारी लोगो से, कब तक - हम आप भी बच पाएंगे ।।

इसलिये- आओ मिलकर हम बड़ें, रखकर खुद पर पूर्ण विश्वास ।
हम होंगे कामयाब- होगा भारत खुशहाल, और होगा इन अत्याचारियों का समूल नाश ।।
                         
       
                               जय हिन्द!
                                                                                    शैलेन्द्र "गुंज" बिसारिया

vijay

  • Guest
bahut khoob