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Author Topic: तोहफा  (Read 143 times)

Offline veer singh

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तोहफा
« on: February 19, 2015, 12:24:48 PM »
( प्रेम के कई भाव है,प्रेम अगर प्रेमिका के लिये है,तो उससे कहीं अधिक गहरा एवं पावन प्रेम माँ और मित्रो के लिये है मेरी यह कविता एक मित्र की दूसरे मित्र के प्रति प्रेम भरी निश्चल भावनाये दर्शाती है |)


तू एक तोहफ़ा है मेरे लिये
यादों का खूबसूरत झरोखा मेरे लिये
तेरा साथ शक्कर की मिठास है,
तेरे झगडे अमिया की खटास है
तू है तो दिल खुशनुमा है,तू नही तो सब धुआँ है
तू भावनाओ का समंदर है मेरे लिये
तू एक तोहफ़ा है मेरे लिये |

तू जिन्द्गी की कश्ती का सहारा है
तू घने अँधेरे में भी देता उजियारा है
तेरे साथ बिताया हर पल याद आता है
तेरे संग फिर जीने को मन मचल जाता है
तू कड़कडाती ठंड में अलाव है मेरे लिये
तू एक तोहफा है मेरे लिये |

हमारी दोस्ती बेमिसाल है
यही हमारे रिश्तो की ढाल है
चाहे कितनी ही दूरियां बढ जाये,समय की बन्दिशे लग जाये
मेरा प्यार अपार है तेरे लिये
तू एक तोहफा है मेरे लिये |