बजरंगबली

बजरंगबली ये एक सच्चाई है जिसे मैंने कविता का रूप दिया है : आज भी बजरंगबली ,चहुँ ओर विधमान है l श्री राम के दूत है,हम कहते इन्हे हनुमान हैll रूप विशाल है ,सिर पर मुकुट विराजमान है l हाथ में गदा लिए, चमक लाली सामान है ll देते है दर्शन उन्हें, जिनका मन पवित्र है l करते जो निऱ्स्वार्थ सेवा उनके वो मित्र हैll स्वयं को नहीं मानते, ईश्वर का वो रूप l कहते है दूत हूँ उनका नहीं हूँ उनका रूपll मै अपने भक्तों को हर संकट से बचाता हूँ l करता हूँ उनकी रक्षा,रक्षक बन जाता हूँ Continue reading बजरंगबली

प्रद्युम्न-श्रद्धांजलि

प्रद्युम्न-श्रद्धांजलि बड़े प्यार से स्कूल भेजा, माँ ने अपना दुलारा l नहीं जानती थी, नहीं अब वो आएगा दुबारा ll बेफिक्र थी ये सोचकर वो स्कूल पहुंच चुका है l नहीं पता था स्कूल में ही साँसे छोड़ चुका है ll सुनकर खबर बच्चे की माँ का कलेजा थरथराया l क्या हुआ जो दरिंदे ने उसे मौत की नींद सुलाया ll मेरे लाल की आँखे न होती,ये देख तो ना पाताl मेरा लाल मुझे छोड़कर मुझसे दूर तो ना जाता ll मासूम चेहरे को देखकर भी दरिंदे को दया न आई l बड़ी बेहरमी से उसकी गर्दन पर उसने छुरी Continue reading प्रद्युम्न-श्रद्धांजलि

चिंता और चिंतन

चिंता और चिंतन ना दिल को सुकून है,ना दिमाग को आराम है l हर कोई चिंतित है, हर कोई यहाँ परेशान है ll चिंता इंसान के दिलो दिमाग पर छा रही है l चिंता की ये लकीरे, साफ नज़र आ रही है ll चिंता स्वयं नहीं आती,  हम ही उसे बुलाते है l जब जरूरत से ज्यादा अपनी इच्छा जताते है ll बुरा नहीं अपनी इन इच्छाओ को पंख लगाना l बुरा है इसे पूरा करने में दूजे को हानि पहुंचना ll करना  है तो चिंता नहीं,  चिंतन  करो मेरे  भाई l चिंता से अशांति जन्मे,चिंतन से आत्मबुद्धि आई ll Continue reading चिंता और चिंतन

कठपुतली

कठपुतली जिंदगी में अनेको उतार-चढ़ाव आते है l जीतता है वही जो ये सब सह जाते है ll हर किसी का अच्छा समय आता है l धैर्य रखो बुरा समय भी काट जाता हैll मत करो घमंड, कभी अपने पैसो का l ये पैसा तो चलती फिरती धूप-छाँव है l आज अगर किसी ओर के पास है ये l तो कल ये किसी ओर का गुलाम है ll अहम् की आग में, ना जला करो l ना जाने कब ये, तुम्हे ही जला देगी l जिंदगी छोटी है,प्रेम प्यार से रहा करो l ना जाने कब मौत , गोद में Continue reading कठपुतली

रक्षा -बंधन

रक्षा -बंधन आया-आया, राखी त्यौहार आया l बहन ने भाई को, तिलक लगाया ll बांधी-बांधी फिर राखी कलाई पे l फिर बहन ने ,मुह मीठा करवाया l भाई ने बहन को, गले लगाया ll आया-आया ये, शुभ दिन आया l बहन ने भाई को ,तिलक लगाया ll दिया वचन भाई ने फिर बहना कोl हर सुख-दुख मे , साथ निभाऊंगाl तेरी आँखो मे ना ,आसू लाऊगा ll तुझे दिया अपना वचन निभाऊंगाl तेरी आवाज पे, दौडा मैं आऊगा ll आया-आया राखी त्यौहार आया l भाई ने बहन को , गले लगाया ll आया-आया राखी त्यौहार आया l भाई – बहन Continue reading रक्षा -बंधन

गिरगिट और इंसान

गिरगिट और इंसान पल में अक्सर बदल जाता है मौसम l पल में अक्सर बदल जाता है इंसान ll यू ही बदनाम है गिरगिट रंग बदलने मे l रंग तो अक्सर बदलता है , ये इंसान ll जो दिखता है,  वो वैसा होता नही l जो होता है ,  वो हमे दिखता नही ll मन में क्या छुपा हैं,ये हमे पता नही l जो सोचे वैसा हो,ये ज़रूरी तो नही ll पल में माशा और पल में तोला l पल में सब कुछ बदल जाता हैं ll मानते हो जिसको दिल से अपना l कभी-कभी वो भी बदल जाता हैं Continue reading गिरगिट और इंसान

सोचो, समझो और परखो

सोचो, समझो और परखो दिल में कुछ, जबान पर कुछ नज़र आता है l कौन अपना, कौन पराया समझ नहीं पाता हैl कब कौन पीठ में, छूरा घोप दे कुछ नहीं पता l कभी-कभी विश्वास-पात्र भी धोखा दे जाता है ll चंद पलो की मुलाकात से, पहचान नहीं सकते l किसी के दिल में क्या छिपा है जान नहीं सकते ll मन की भवरों को आसानी से यूँ अगर पढ़ पाते l शायद दोस्त कम यहाँ दुश्मन ज्यादा नज़र आते ll रूप -रंग से सुंदरता आक सकते हो  व्यक्तित्व नहीं l बंद जबान से चुप्पी आक सकते हो कडवडाहट नहीं Continue reading सोचो, समझो और परखो

सोचो ! अगर ये ना होता…

सोचो अगर ये रात ना होती, तो क्या होता l इंसा हर पल दो के चार, में ही लगा होता ll दिल को सुकून, ना दिमाग को आराम होता l इंसा परेशा है जितना और ज्यादा परेशा होताll सोचो अगर ये सूरज ना होता, तो क्या होता l बिन सूरज धरती पर जीवन संभव ना होता ll बिन सूरज पेड़-पौधे अपना भोजन न कर पातेl बिन पेड़-पौधों के फिर हम साँस भी न ले पाते ll सोचो अगर ये पेट ना होता, तो फिर क्या होता l ना कुछ खाना होता ना फिर कुछ कमाना होता ll ना इंसान दिन-रात Continue reading सोचो ! अगर ये ना होता…

दर्द

दर्द दूसरो का दर्द सिर्फ वो ही समझ पाता है l जो उस दर्द से कभी होकर गुजर जाता है ll जो उस दर्द को महसूस ना कर पाया हो l वो क्या खाक दूसरो का दर्द समझ पाता हैll दर्द यूँ हर किसी को बताया नहीं जाता है l बताया जाता है उसे जो दर्द समझ पाता हैll वर्ना आपका दर्द एक मज़ाक बन जायेगा l हल नहीं निकलेगा सिर्फ बवाल बन जायेगा ll अगर ना मिले दर्द सुनने वाला कोई अपना l ईश्वर से कहो मन हो जायेगा हल्का अपना l कम से कम ये बातें आगे नहीं Continue reading दर्द

होली आई रे

होली आई रे रंग बिरंगी लो आई होली l बिखरे चहु ओर रंग हज़ारl प्रेम प्यार का रंग लगाओ l आया फिर होली त्यौहार ll भेदभाव की दीवार गिराके l दुश्मनी भुला दो, मेरे यार l आओ मिलजुल कर खेलेl रंगों भरा होली त्यौहार ll रंगों भरी पिचकारी से हम l धो दे मन के मैल हज़ार l प्रेम प्यार से गले लगाकर l मनाये होली का त्यौहार ll रंग लगाये, ऐसे हम यूँ l ना रूठे कोई , इस बार l चेहरे पर मुस्कान आये l मुबारक  होली त्यौहार ll ————–  

चाह

यदि जो चाहे, वो आसानी से मिल जाये l तो पत्थर रुपी भगवान यूँ पूजा ना जाये ll और यदि इंसान, जीवन में कुछ ना चाहे l तो इंसान, इंसान नहीं भगवान बन जाये ll हर किसी की कोई  ना कोई चाह  होती है l क्योकि जहाँ चाह होती है वहीँ राह होती है ll राह के मिलने से मंज़िले नज़र आ जाती है l मेहनत करने से हर चाह पूरी हो जाती है ll चाह हो ऐसी,  जो दूजे को भी ख़ुशी दे पाए l चाह की चाहत में ना गलत  कदम उठाये ll चाह हमें जिंदगी में आगे Continue reading चाह

शांति ! ॐ शांति !!

शांति ! ॐ शांति !! किसी रोते हुए चेहरे को  हँसा कर तो देखो l किसी भूखे को खाना खिला  कर तो  देखो ll किसी  बेसहारे को  गले  लगाकर तो  देखो l किसी भटके हुए को राह दिखाकर तो देखो ll वो मिल जायेगा जिसके लिए  भटकते हो l वो मिल जायेगा जिसके  लिए तड़पते  हो ll वो मिल जायेगा जिसकी कामना करते हो l वो मिल जायेगा जिसकी साधना करते हो ll आखिर वो क्या है  जिसकी  हर को चाह है l जिसके बिना जिंदगी एक नरक सी राह है ll उसके बिना तो जिंदगी में रहती है अशांति Continue reading शांति ! ॐ शांति !!

वैलेंटाइन

वैलेंटाइन हर साल 14th  फरवरी जो दिवस आता है l प्यार भरा ये दिवस वैलेंटाइन कहलाता है ll प्रेम व  स्नेह  की  बारिश ये लेकर आता हैl हर कोई, किसी का वैलेंटाइन कहलाता है ll किसी  ना  किसी  का  कोई खास होता है l जिससे मिलकर मन नहीं उदास होता  है ll इस प्यार का अलग-अलग अंदाज होता है l कही आदर कही दिल का आगाज़ होता है ll कही बच्चों के लिए माँ- बाप वैलेंटाइन है l कही  शिष्यों  के लिए  गुरु वैलेंटाइन  है ll कही प्रेमी एक दूजे के लिए  वैलेंटाइन है l हर कोई ना कोई किसी Continue reading वैलेंटाइन

एक सच्चाई

एक सच्चाई जो दिखता है वो होता नहीं l जो होता है वो दिखता नहीं ll सच भी किसी से छुपा  नहीं l सच के आगे झूठ टिका नहीं ll जो आयेगा एक दिन जायेगा l जो जायेगा फिर वो आयेगा ll विधाता ने लिखा  है ये लेख l इसे कोई नहीं मिटा पायेगा ll आत्मा में परमात्मा समाई हैl पत्थर में ईश्वर की परछाई है ll कर्मो का फल जरूर मिलता है l यही जीवन की एक सच्चाई है ll जो  जैसा  करता  है,  वैसा पाता है l स्वर्ग, नरक यही भोग कर जाता हैll समय  है,  अच्छे कर्म Continue reading एक सच्चाई

इंसान की कीमत

इंसान की कीमत यहाँ  इंसान को  नहीं, पैसे को पूजा जाता है l पैसों से  ही यहाँ  इंसान  को  आक़ा जाता है ll बिन पैसों के इंसान की कीमत कुछ भी नहीं l जीता है जिंदगी पर घुट – घुट के ज़ी पाता हैll यहाँ इंसान को  नहीं पत्थर  को पूजा जाता है l भूखे को नहीं पत्थर को भोग लगाया जाता है ll जहाँ गरीब की  शादी  में देने में हाथ खिंचते है l वही पत्थर पर पैसे और जेवर चढ़ाया जाता है ll यहाँ पालतू कुत्ते को ज्यादा प्यार किया जाता है l इंसान से  ज्यादा कुत्ते  से Continue reading इंसान की कीमत