योग और विवाद

योग और विवाद 21 जून को पूरे विश्व मे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, लेकिन भारत के लिए ये किसी पर्व से कम नही था, क्योकि योग भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई एक परम्परा और उसका एक अटूट हिस्सा भी हे, जिसे पूरा विश्व अपना भी रही हे, मानो भारत देश के पहल की ही राह देखी जा रही थी | करीब १७५ देशो ने विश्व मंच पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़ी परंपरा का समर्थन किया, और वो भी बिना किसी चर्चा के, उनमे से ४० या उससे अधिक देश तो मुस्लिम और ईसाई समुदाय से जुड़े देश थे| Continue reading योग और विवाद

तुम्हारी यादे

तुम्हारी यादे कल फिर अतीत को मैने टटोला तुम्हारी यादो के संदूक को खोला, हर याद मे एक हि समानता पाई, हर जगह तू ही तू नज़र आई फिर एक निरर्थक प्रयास किया, तुम्हारी यादो का मूल्य ग्यात किया, गणना के सभी सूत्र बेकार हो गये, तेरी यादो के मूल्य खरबो पार हो गये, फिर सोचा ये तो अनमोल हे, इन यादो का न कोई मोल हे इन यादो का न कोई मोल हे….. राज़ीव कुमार

Love Story – अवनि और आकाश

Love Story – अवनि और आकाश अवनि और आकाश स्कूल मे साथ मे पढ़ते थे; आकाश, अवनि को बहुत प्यार करता था और अभी भी शायद उतना ही करता हे| अवनि भी आकाश को प्यार करती थी पर अवनि अपने पापा के डर के कारण आगे नही बढ़ी| बस उनका प्यार शायद यही था, शायद सच्चा प्यार हमेशा अधूरा रहता हे| आकाश को बस एक ही बात का अफ़सोस था की वह अवनि को अपनी दिल की बात न बता पाया , पर इस जीवन मे लगभग यह अब असंभव हे, वो जब कभी भी भगवान से प्रार्थना करता था Continue reading Love Story – अवनि और आकाश

असमानता

असमानता ये समाज की विडंबना है की समाज के अधिकतर व्यक्ति जो की आर्थिक तौर से सम्रुध हे, वे हमारे आस पास जो ग़रीब व्यक्ति हें उनको हीन भावना से देखते हैं . धनी व्यक्ति जब कभी भी किसी निर्धन व्यक्ति से बात करता हे तब वह बिल्कुल अलग अंदाज से बात करता हे एंव मानो उस्से बात कर के कोई मतलब ही नही हे, मानो ईश्वर ने संसार मे जीने का , सोचने का, करने का या फिर विचार प्रगट करने का अधिकार सिर्फ़ और सिर्फ़ धनी व्यक्तियो को ही दिया हैं. समाज का हर एक व्यक्ति आर्थिक तौर Continue reading असमानता

तुम्हारे साथ

तुम से मिलकर ये सोच रहा हूँ, जिलु अपना पूरा जीवन, इन दो पलो मे, बस इन दो पलो मे, फिर क्या पाना, क्या खोना, बस ये दो पल जो की मेरे हैं, बस और बस मेरे हैं. अब जी रहा हूँ अपना शेष जीवन, बस इन दो पल के सहारे, ये आश लिए, की एक बार और जीना मिल जाए, ऐसे दो पल, तुम्हारे साथ, सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारे साथ, राजीव कुमार

जिंदगी

जिंदगी मे हर पल जैसे गुज़रते जाते हैं, हर पल सब नया नज़र आता हैं, हर पल मे नई .मुसीबत, हर मोड़ नया संघर्ष, यूँही लड़ते लड़ते हर पल, दिल तक सा जाता हैं, फिर अगले ही पल, यह ख़याल आता हैं, नई मुसीबत, नये संघर्ष मे ही, मज़ा जीनेका आता हैं. राजीव कुमार जांगिड़

बिटिया

तू जब जीवन मैं आई खुशिया ढेरो संग लाई, तेरी हंसी रंगबिरंगी कलि, बाते मानो मिश्री की डली, तेरी प्यारी शरारते दुख मैं भी चैन देती, मीठे सवाल जिंदगी के जवाब देती, ये खुशियाँ जो तू लाई मानो मेरी जिंदगी बनके तू आई. वो मम्मी से डरके पापा पापा कहते भागना, और मुझमें चुपके से समाजाना, सुकून मुझे मिला या तुझे, पता नही, पर मेरे दुखोका अब कोई अता पता नही, समय बिता तू बड़ी हो गई, मानो हर सवाल का जवाब जो हो गई, अब तू अपने घर जो जाएगी, पता नही फिर कब आएगी, अगले जन्म तू फिर Continue reading बिटिया

नये रिश्ते की शुरूवात

उन से अनायास ही मुलाकात हो गई बिन कहे ढेरो सारी बाते हो गई, कुछ सवाल मैने भी किए उसने भी, पर मेरे जवाबो से वो आहत कई बार हो गई नये रिश्ते की शुरूवात होगई. राजीव कुमार

तुम जब सपनो मैं आती हो

तुम जब सपनो मैं आती हो दिल चाहता है वक्त यन्हि थम जाए सपनो मैं भी चोरी से तुझे देखना, मन ही मन बाते करना, और वो तुम्हे मनाने की कोशिश करना, पर तुम्हारा अतीत की तरही फिर वो इनकार करना, तुम यह भी कहती हो, तुम्हे ना मिल पाऊँगी कभी, ना ही बुलाने पर आऊँगी कभी, पर सपनो मैं ज़रूर आऊँगी, तुम जब सपनो मैं आती हो दिल चाहता है वक्त यन्हि थम जाए राजीव कुमार