About Vinod Kishor

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तनहाई उनसे कहना

तनहाई उनसे कहना, मेरा प्यार … वो अनकहे शब्द, शायद जो कह न पाया मै, और वो समझ भी न पायी..जो अब दर्द बनकर चुभते है ॥ तनहाई उनसे कहना उनकी मुस्कुराहटों के पल आज भी थामते है मेरे उदासी के दर्द को॥ तनहाई उनसे कहना उनकी बेरुखी ने मुझे बहुत दुखाया है ॥ तनहाई उनसे कहना हर बार सोचता हू उनको न देखू पर न जाने ऐसा क्या है उनके चेहरे मे कि जब भी मूँदता हु आखे उनको देखे बिना रह न पता हूँ ॥ तनहाई उनसे कहना,, मै आज भी वही हु जहा वो मुह मोड़ कर Continue reading तनहाई उनसे कहना

अब क्यो तुम

अब क्यो तुम बदल जाने को कहती हो, चुप चाप बिछड़ जाने को कहती हो, तुम तो कहती थी हम तुम्हारी साँसो मे बसते थे, तुम्हारे हाथो की मेहँदी मे खूब रचते थे ॥ अब क्यो तुम दूर जाने को कहती हो, चुप चाप फासले बढ़ाने को कहती हो , तुम तो कहती थी की तुम्हारे दिल मे मेरी खुशबू महकती थी, मेरे लिए तुम नींदो मे भी जागा करती थी ॥ क्या वो तुम यू कहती थी. कि, तुम्हारे एहसासों के टुकड़ो मे, मै बसता था, तुम्हें मै अपना लगता था, मुझे तुम प्यार करती थी ॥ अब क्यो Continue reading अब क्यो तुम

आने वाली यादों मे हो तुम

आने वाली यादों मे हो तुम मेरी उम्मीद ,,, टूटे अरमानो मे हो तुम जो हो न पाये पूरे उन वादो मे हो तुम … हवाओ की रवानी मे हो रात की तनहाई मे हो सावन की बौछार मे हो तुम बसंत की बहार मे हो तुम कहा कहा बताऊ ? इंतजार मे हो मेरे  इकरार मे हो मेरे अधूरे प्यार मे हो मेरे मेरे बहाने मे हो तुम…. मेरी उदासी मे हो तुम मेरी खामोशी मे हो तुम टूटती बिखरती इस कहानी मे हो तुम.. आने वाली यादों मे हो तुम……..

फिर सावन आया है

सावन फिर सावन आया है फिर तुमसे मिलने को मन करता है तुम्हारी बातो की बौछारों मे फिर से भीग जाने का मन करता है॥   फिर सावन आया है फिर तुम्हें को निहारने का मन करता है मेरी भीगी आंखो मे देखो तुम्हें फिर से पुकारने को मन करता है॥   बिगड़ता -उजड़ता रहता हूँ तेरी यादों मे फिर सावन आया है तो तुमसे मिलने को मन करता है॥   फिर सावन आया है फिर प्यार तलाशने का मन करता है उलझी हुयी तुम्हारी भीगी जुल्फों को सुलझाने का मन करता है॥   फिर सावन आया है फिर तुमसे Continue reading फिर सावन आया है

अब इतना उनको याद न कर

जिंदगी यू बरबाद न कर … जो भूल गए तुझे…. भूल तू उनको इतना उनको याद न कर॥ वो दोस्त न थे न साथी थे … तेरे बस हमराही थे … तू उनको भूल के आगे बड़ … जो वक़्त गया उसे जाने दे… अब सोच के पल बरबाद न कर॥ क्यो सोचता है तू बाते उसकी फिकर तू उसकी छोड़ दे वो कहती है ना नफरत है… मायूस ना हो तेरी किस्मत है॥ खामोश ना रह नादान वो पागल… जो हुआ उसे अब जाने दे तू उनको भूल के आगे बढ़ अब वादो पर विश्वास ना कर… अब इतना Continue reading अब इतना उनको याद न कर

मन के झूठे मै ख्वाब लिखूँ

कुछ बात लिखूँ जज़्बात लिखूँ या मन के झूठे मै ख्वाब लिखूँ मै लिख तो दु सब बाते तेरी… पर लिखूँ तो क्या बात लिखूँ तू भूल गयी तो भूल गयी जा तेरी मै क्यो बात लिखूँ…   टूटे अपने अरमान लिखूँ या तेरा झूठा वाला प्यार लिखूँ मै अपने मन के घाव लिखूँ या दिल के अपने हाल लिखूँ अभी धूप लिखूँ की छाव लिखूँ या खूब अंधेरी रात लिखूँ. ॥     कुछ बात लिखूँ जज़्बात लिखूँ या मन के झूठे मै ख्वाब लिखूँ मेरी बातों को न समझेगी…पगली  क्यो समझाने की बात लिखूँ… मै लिख तो दु तेरी Continue reading मन के झूठे मै ख्वाब लिखूँ

जब याद तुम्हारी आती है

जब याद तुम्हारी आती है ये वक़्त ठहर सा जाता है आंखो से पानी गिरता है पलके भारी हो जाती है ॥ जब याद तुम्हारी आती है मेरी  साँसे रुक सी जाती है॥ इजहार तेरा इकरार तेरा और पल दो पल का साथ तेरा कभी बैचनी सी बढ़ती है …. जब याद तुम्हारी आती है ॥ वादा कर के भूल गयी॥ क्यो पगली मुझसे रूठ गयी… सुन दिल मे तू ही समाई है॥ जब याद तुम्हारी आती है मेरी  साँसे रुक सी जाती है॥ तुम्हारा पल मे हसना… पल मे रूठ जाना याद आता है और जो मै रूठ जाऊ Continue reading जब याद तुम्हारी आती है

मेरा प्यार हो तुम

मेरा  प्यार हो तुम पगली मेरा प्यार हो तुम, सच पगली मै कैसे बताऊ.. मन के मेरे आस हो तुम ।।   जुड़ी तुमसे मेरी सब यादे है रिस्ता मेरी जान हो तुम …   भूल कोई ना दोष तुम्हारा .. कब तुमने मुझको चाहा था॥ मुझसे तो था बस मन बहलाना मैंने ही अरमान सजाया था   वो भी अच्छा, तुम भी अच्छी मै ही तो एक पागल था॥ मेरा दोष यही पगली तुझको अपना मैंने माना था ॥   सच कहती हो रिस्ता क्या है ? भूल गयी जब वादे तुम ..पर तुमसे जुड़ी मेरी सब यादे है Continue reading मेरा प्यार हो तुम

प्यार क्या है ?

प्यार क्या है ?. आशा है … उम्मीद है … या रोज रोज टूट.. सा जाना॥ या खुद से रूठ कर खुद को ही मनाना… प्यार जो भी हो पर बहुत अनमोल हो तुम इसीलिए मुसकाने उम्मीद रखता हूँ॥ तुम्हारे दिल मे रहकर भी मै तुमसे दूर रहता हूँ प्यार जो भी हो ॥ पर पगली तुम दिल मे बसती हो… तुम कहती हो पागल सदा मुझे क्या ऐसे ही चाहोगे ! मेरा कहना है बस तुमसे …सुनो पगली कभी फुर्सत मिले तो सोचना बस इतना… क्यो अब चुपचाप रहता हूँ, क्यो अब मै कुछ नही कहता… क्यो सिर्फ खामोशी Continue reading प्यार क्या है ?

तुम्हें पगली इजाजत है

तुम्हें पगली इजाजत है ..मेरी यादे मिटा देना। बिलकुल इजाजत है ..जब चाहो भुला देना।। तुम्हें पगली इजाजत है ..नये तुम ख्वाब बुन लेना ॥ मै सच अगर.. नजरों गिर चुका हु तो… बिलकुल इजाजत है ..नया साथी तुम चुन लेना ।। तुम्हें सच्ची इजाजत है ..मेरी कभी फिक्र मत करना॥ तस्वीर तुम्हारी ले के अब साथ बैठता हु जिसे देखकर मै हमेशा तुम्हारे चेहरे पर आने वाले बाल तुम्हारे कानों से लगा देता हू॥ जो तंग करते है तुम्हे .. अोर जब कोइ नही होता.. थोड़ी बातें भी कर लेता हु तुम्हारे जबाब मुझे पता ही होते है ना।। Continue reading तुम्हें पगली इजाजत है

माँ

शुरूआत तुम्हीं से अन्त मेरा है तुमसे ही मां हर स्वप्न. मेरा है मन का उजाला मां तुमसे ही रात अन्धेरी तुमसे ही है। तुमने मुझको दिया है जीवन माँ तुमने चलना सिखलाया है दी तुमने मां मुझे पेरणा सच्चाई रहने की आगे हरदम बढते रहना और कर्मठ बनने की। याद आता है बहुत मां रुठ कर मनवाना, ,रुठ कर फिर मां तुम्हारे हाथों से ही खाना । शुरूआत तुम्हीं से अन्त मेरा है मां तुमसे जीवन मिला है। मै ये ऋण ना चुका पाउगां पर तुममें देखे है जो सपने मै उनको साकार बनाउगा । शुरूआत तुम्हीं से अन्त Continue reading माँ

ना मै भूलुगा ना तुम

वादा है मेरा पर तुम भी निभाना ।। ना मै भूलुगा ना तुम भूल जाना । फासलें भी बहुत होगें और प्यार भी.. अपने नाजुक से रिस्ते मे ये बिछड़ने का रिवाज भी । गम ना करना पगली तुम सदा मुस्कुराना.. मेरी तकदीर ही ऐसी है। अब इसपर क्या पछताना ।। वादा है मेरा पर तुम भी निभाना । ना मै भूलुगा ना तुम भूल जाना ।।