रक्षा -बंधन

रक्षा -बंधन आया-आया, राखी त्यौहार आया l बहन ने भाई को, तिलक लगाया ll बांधी-बांधी फिर राखी कलाई पे l फिर बहन ने ,मुह मीठा करवाया l भाई ने बहन को, गले लगाया ll आया-आया ये, शुभ दिन आया l बहन ने भाई को ,तिलक लगाया ll दिया वचन भाई ने फिर बहना कोl हर सुख-दुख मे , साथ निभाऊंगाl तेरी आँखो मे ना ,आसू लाऊगा ll तुझे दिया अपना वचन निभाऊंगाl तेरी आवाज पे, दौडा मैं आऊगा ll आया-आया राखी त्यौहार आया l भाई ने बहन को , गले लगाया ll आया-आया राखी त्यौहार आया l भाई – बहन Continue reading रक्षा -बंधन

होली तुम संग

होली तुम संग प्रिय, होली तुम संग खेलूंगा, रंगों और उमंगों से,। रंग जाऊंगा जीवन तेरा, खुशियों की रंगों से, सूखेगी न चुनरी तेरी, सपनों की इन रंगों से, चाहतें भर दूंगा जीवन मैं, अपने ही रंगों से। प्रिय, होली तुम संग खेलूंगा, रंगों और उमंगों से। जनमों तक ना छूटेगी, ऐसा रंग लगा जाऊंगा, तार हृदय के रंग जाएंगे, दामन में भर जाऊंगा, आँखें खुली रह जाएंगी, सपने ऐसे सजाऊंगा। तेरे सपनों की रंगों से, जीवन की फाग खेलूंगा। प्रिय, होली तुम संग खेलूंगा, रंगों और उमंगों से।

साल नया

साल नया अतीत भया जो बीत गया, कल पुराना था साल, आज नया, किसी को दर्द बेपनाह, ख़ुशी को असीम दे गया, अपनों से जुदा कोई तो किसी को साथ मिला नया, खट्टी और मीठी यादों का फिर एक गुजर दूर गया, फिर सुबह सूरज एक किरण नयी संग, जग गया, भोर नयी थी रात ढले, फिर भी पुराना है सब यहाँ, एक दिन के अंतराल पर कहते हैं क्यों फिर, हो सबको मुबारक ये साल नया॥

स्वदेशी अपनाये ,दिवाली मनाये

स्वदेशी अपनाये ,दिवाली मनाये भारतीय संस्कृति का पर्व है भारतीय त्यौहारl जगमग दीप जलाकर रोशन करे घर-बाहरll भीनी-भीनी मिट्टी लेकर आओ दीप बनाये l दीपो की इन मालाओ से घर-आँगन सजाएँ ll चावल,हल्दी और रोली से रंगोली हम सजाएँ l लक्ष्मी जी को आने का निमंत्रण हम दे आये ll दिवाली है  ख़ुशी का पर्व  खुशियां हम फैलाये l भारत में ही निर्मित स्वदेशी वस्तुऍ अपनाये ll चीन का ये पर्व नहीं ,   भारतीय पर्व है भाई l फिर कैसे चाइना ने , बाज़ारो  में सेंध लगाईll मिलकर करो बहिष्कार न ले चाइना सामान l अपना पैसा यही रहे Continue reading स्वदेशी अपनाये ,दिवाली मनाये

नवरात्री

नवरात्री बड़ी बड़ी बाते करने का, ये वक़्त नहीं है मेरे यारा, एक छोटा सा दिया जलाकर, दूर करो ये अँधियारा। साफ़ दिलों को करके दिल में ये अहसास जगाओ, कोई लड़की न ख़ौफ़ज़दा हो ऐसा तुम विश्वास जगाओ। इन नव रातों की पूजा से कोई ख़ास नहीं अंतर आएगा, जब तक रावण, राम हटाकर हम सब के अंदर आएगा।

राखी

राखी कुमकुम, अक्षत, दीपक, श्रीफल भाई की आरती है राखी रहे सदा स्वस्थ, दीर्घायु प्रार्थना और विश्वास है राखी शरारतों की मीठी तकरार में पवित्र अहसास है राखी मिष्ठानों से मुँह मीठा कराती स्नेह का मान है राखी सिंदूर, बिंदी,  चुडियाँ, गहने भाभी का सौभाग्य है राखी सदा बनी रहे बहनों की खुशियाँ भाईयों का अरमान है राखी माँ, बहन, पत्नी, सहकर्मी सबसे अच्छा बर्ताव है राखी रक्षा की ज्योति प्रज्वलित रहे अनमोल वचन है राखी बेबसों के अंधियारे जीवन का पूर्णमासी का चाँद है राखी कर्तव्यों और जिम्मेदारियाँ निभाने का कितना सुन्दर व्यव्हार है राखी जातपात, ऊंच-नीच का भेद Continue reading राखी

ईद – खुशियो का दान

ईद – खुशियो का दान ईद-उल-फितर का त्यौहार l लेकर आया खुशिया अपार ll ईद है ख़ुशी, फितर है दान l खुशिया दूसरों को बांटकर l आती है चेहरे पर मुस्कान ll जिनके है रोज़ी रोटी के लाले l खुशिया जिनसे दामन छुडा ले ll उन रोते हुए चेहरे को हसाओ l उनकी मदद कर ईद मनाओ ll मेरी भी बस यही है एक दुआ l या खुद दुनिया से बैर को मिटा l प्यार और अमन चारो तरफ छाये l सबके चेहरे पर खुशिया लेकर आये l आओ एक दूजे को गले लगा ईद मनाए l अपने बीच , Continue reading ईद – खुशियो का दान

नव वर्ष 2016 की शुभकामना

नई उम्मीद,नया सवेरा लाया l देखो नया साल 2016 आया ll खुशियो की सौगात ये लाया l देखो नया साल 2016 आया ll कैलेंडर बदले, तारीख बदली बदल गया फिर ये साल l ईश्वर से है हमारी यही प्रार्थना ना रहे कोई भूखा,ना रहे फटेहाल ll पाप,द्वेष,घृणा को मन से मिटाओ l भेदभाव की दीवार गिराकर प्रेम से सबको गले लगाओ ll आओ सब मिलकर आज प्रतिज्ञा उठाए l भ्रष्टाचार को हम सब जड़ से मिटाये ll हमारी ये कोशिश ही नया सवेरा लाएगी l तभी रोते चेहरों पर मुस्कुराहट आएगी ll बीते हुए साल को देते है हम विदाई Continue reading नव वर्ष 2016 की शुभकामना

दिवाली खूब मनाना रे!!

दिवाली खूब मनाना रे! ! जमकर धूम मचाना रे! लेकिन ये भूल ना जाना रे! ! बाहर का अंधेरा भगाकर, भीतर का तम भी मिटाना रे! ! दिवाली…… इतने अद्भुत राष्ट्र मे जन्मे इसी बात का गर्व है! उल्लास, प्रेम, सत्य, शांति, सौहार्द का ये पर्व है! ! उपहार और मिठाई देकर सबको गले लगाना रे! ! दिवाली…… छोटे और बड़े सर्वत्र, स्नेह अपार बरसाएँ! इस पावन पर्व की, सबको मंगलकामनाएँ! ! मगर पटाखों के प्रदूषण से पर्यावरण को बचना रे! ! दिवाली….. Gurupawan bharti

एक निवेदन प्रीत के त्यौहार पर

एक निवेदन प्रीत के त्यौहार पर:— क्षमा देही सब स्नेही लिखता नहीं प्रतिक्रिया कोई आदत है यही उपेक्षा नहीं मंतव्य से ही ऊर्जा रही पसंद करे जोई उत्साहित होई आभार प्रकट ही शुक्रिया सेही क्षमा कर देही……….. रंग बरसे,हृदय हर्षे मिलन हो दिल से त्यौहार नीभे प्रीत से क्षमा शिकवा शिकायत से स्नेहिशीष चाहिये आप से धन्यवाद देता दिल से प्रतिक्रिया पे मंतव्य से बचता रहा सदा से उपेक्षा नहीं, आदत से मान लेवें उदारता से चले सिलसिला ऐसे अनुमति प्राप्त हो सब से उत्साहित करें फिर से करजोड़ विनती मन से सजन