तेरा बदन

तेरा बदन तेरा बदन मुझ में समा जाता है। यु रात के दुझे पहर तक जब नींद नही आती है, करवट बदल-बदल कर जब थकावट सी छा जाती है। जब घडी की टिक-टिक से भी आवाज छन-छन की आती है, जब रोजाना के उसी बासी कम्बल से खुशबु इत्र की आती है।। जब पलकें भारी होने लगती है, और नींद आँखों में बसने लगती है। ऐसे में प्रियतमा तेरा ख्याल मुझे आता है, और कोई ख्वाब तुझे मेरे करीब ले आता है।। तेरा फितूर फिर मुझ पर हावी हो जाता है, और निःस्वार्थ प्रेम का पूरा ज्ञान धरा रह जाता Continue reading तेरा बदन

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फासलों में माधूर्य

फासलों में माधूर्य इन फासलों में पनपता है माधूर्य का अनुराग…. बोझिल सा होता है जब ये मन, थककर जब चूर हो जाता है ये बदन, बहती हुई रक्त शिराओं में, छोड़ जाती है कितने ही अवसाद के कण, तब आती है फासलों से चलकर यादें, मन को देती हैं माधूर्य के कितने ही एहसास, हाँ, तब उस पल तुम होती हो मेरे कितने ही पास…. इन फासलों में पनपता है माधूर्य का अनुराग….. अनियंत्रित जब होती है ये धड़कन, उलझती जाती है जब हृदय की कम्पन, बेवश करती है कितनी ही बातें, राहों में हर तरफ बिखरे से दिखते Continue reading फासलों में माधूर्य

लगन

लगन आच्छादित तुम हृदय पर होते, गर लगन तुझ में भी होती ! मन की इस मंदिर में मूरत उनकी ही, आराधना के उस प्रथम पल से, मूरत मेरी ही उनके मन में भी होती, तो पूजा पूर्ण हो जाती मेरी। स्थापित तुम ही मंदिर में होते, गर लगन तुझ में भी होती ! नाम लबों पर एक बस उनका ही, समर्पण के उस प्रथम पल से, लबों पर उनके भी नाम मेरा ही होता, तो पूजा पूर्ण हो जाती मेरी। प्लावित तुम ही लब पर होते, गर लगन तुझ में भी होती ! हृदय के धड़कन समर्पित उनको ही, Continue reading लगन

वैलेंटाइन

वैलेंटाइन हर साल 14th  फरवरी जो दिवस आता है l प्यार भरा ये दिवस वैलेंटाइन कहलाता है ll प्रेम व  स्नेह  की  बारिश ये लेकर आता हैl हर कोई, किसी का वैलेंटाइन कहलाता है ll किसी  ना  किसी  का  कोई खास होता है l जिससे मिलकर मन नहीं उदास होता  है ll इस प्यार का अलग-अलग अंदाज होता है l कही आदर कही दिल का आगाज़ होता है ll कही बच्चों के लिए माँ- बाप वैलेंटाइन है l कही  शिष्यों  के लिए  गुरु वैलेंटाइन  है ll कही प्रेमी एक दूजे के लिए  वैलेंटाइन है l हर कोई ना कोई किसी Continue reading वैलेंटाइन

दिल के दरिया में

दिल के दरिया में जब भी बरसता है आसमांसे पानी , साथ में बह जाता है आँखों का पानी… यादों के गुलिस्ता जब बिखर जाते है उन लम्हो से ही , दिलके दरिया में उमड़ती है यादों की मछलियां और …….. चूपचाप रोती है उन लम्हों की सिसकिया… उमड़ आते है  चहेरों के निशां…….. और…. रो देता है आँख पर तैरता पानी ……… -मनीषा ‘जोबन ‘

प्यार क्या है?

” प्यार क्या है..?  “ प्यार तपस्या और साधना की अनुभूति है, प्यार समंदर से मिलने वाला मोती है, प्यार राधा है, रुकमणी है, शेषनाग है, प्यार गोकुल की गलियों में कान्हा का रास है, प्यार शबरी के बैर और मीरा का विश्वास है, प्यार केकई के कह देने पर राम का वनवास है, प्यार  माँ का बेटे से दुलार है, प्यार पिता का दिया अतुलित संसार है, प्यार भाई की कलाई पर बहिन की राखी है, प्यार गलती न होने पर भी मांगी गई माफ़ी है, प्यार दादी का बनाया मक्के की रोटी, सरसों का साग है, प्यार बड़े Continue reading प्यार क्या है?

वृतांत

वृतांत अटूट लड़ी हो इस जीवन वृत्तान्त की तुम, अर्धांग सर्वदा ही जन्म-जन्मातर रही हो तुम, न होते कंपन इस हृदय के गलियारों में, उभर कर न आती तस्वीर कोई इन आखों में, न लिख पाता वृत्तान्त मैं जीवन की राहों के, मेरे पिछले जीवन की ही कोई अटूट कड़ी हो तुम…. लिख जाता हूँ मैं कितने ही पन्ने तेरी लय पर, अनलिखे कितने ही कोरे पन्ने, फिर होते हैं मुखर, विह्वल हो उठते हैं शब्दों के भाव इन पन्नों पर, शक्ल फिर तेरी ही उभर आती है लहराकर, अर्धांग मेरी, तुम सिमट जाती हो वृत्तान्त बनकर, मेरे अगले जन्म Continue reading वृतांत

चाहत के सिलसिले

चाहत के सिलसिले ये जादू है कोई! या जुड़ रहे हैं कोई सिलसिले?….बेखुदी में खुद को कहीं, अब खोने सा लगा हूँ मैं, खुद से हीं जुदा कहीं रहने लगा हूँ मैं, कुछ अपने आप से ही अलग होने लगा हूँ मैं, काश! धड़कता न ये मन, खोती न कही दिल की ये राहे, काश! देखकर मुझको झुकती न वो पलकें…..ये कैसा है असर! क्या है ये चाहत के सिलसिले?…अंजान राहों पे कहीं, भटकने सा लगा हूँ मैं, भीड़ में तन्हा सा रहने लगा हूँ मैं, या ले गया मन कोई, अंजान अब तक हूँ मैं, काश! पिघलता न ये Continue reading चाहत के सिलसिले

दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे…

दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे… तू हर कदम बस मेरा साथ निभाता रहे… सारे जमाने को भूल जाऊंगा मैं… बस तेरे लिए मेरा दिल गाता रहे… दिल मेरा यूँ ही गुनगुनाता रहे… तनहा मैं ना रहूं… तू याद आता रहे… जिंदगी को ये नया राग देता रहे… चांद तारों को भी तेरी बातें सुनाता रहे… इस जहां में अपना भी मुकाम बनाता रहे… दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे… ख्वाहिश है इसकी इतनी तुझे बस ये पाता रहे… तू जहा भी हो ये दिल भी वहीं गीत गाता रहे… सुरज के धुप से तुझे ये बचाता रहे… चाँदनी रातों Continue reading दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे…

दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे…

दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे… तू हर कदम बस मेरा साथ निभाता रहे… सारे जमाने को भूल जाऊंगा मैं… बस तेरे लिए मेरा दिल गाता रहे… दिल मेरा यूँ ही गुनगुनाता रहे… तनहा मैं ना रहूं… तू याद आता रहे… जिंदगी को ये नया राग देता रहे… चांद तारों को भी तेरी बातें सुनाता रहे… इस जहां में अपना भी मुकाम बनाता रहे… दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे… ख्वाहिश है इसकी इतनी तुझे बस ये पाता रहे… तू जहा भी हो ये दिल भी वहीं गीत गाता रहे… सुरज के धुप से तुझे ये बचाता रहे… चाँदनी रातों Continue reading दिल मेरा यूं ही गुनगुनाता रहे…

मैं सत्यम हूँ।

मैं सत्यम हूँ। मैं विश्व में सम्पूर्ण हूँ। मैं हर मनुष्य का आधार हूँ। मैं खुद में ही विस्तार हूँ। मैं निराकार हूँ। मैं सत्यम हूँ। मैं हर समस्या का समाधान हूँ। मैं असत्य का विनाश हूँ। मैं सब में सम्मानित हूँ। मैं हर देव का पहचान हूँ। मैं सत्यम हूँ। मैं हर सुख का अनुभव हूँ। मैं रवि के हर किरण में हूँ। मैं चन्द्रमा के भी साथ हूँ। और मैं ही अग्नि के तपन में भी हूँ। मैं सत्यम हूँ।

पहली नज़र

मैं बहक़ रहा हु संभालो जरा, मुझ पर ये कैसा असर हो रहा है। तुझे एक नज़र देखा भर है अभी तो, अभी से किसी पुरानी शराब सा नशा हो रहा है।।1।। आईने में देखा मैंने सूरत मेरी जाने कहाँ घूम है? चेहरा जो नज़र आया सामने उसमे तेरा ही नूर है। अभी खुमार मैं हु तुम्हे ऐतबार न होगा मेरी बातों पर, लेकिन सच कहता हूं मुझ पर तेरा ही सुरूर है।।2।। ***नि-3कलाल***

रिश्तों के मायने

रिश्तों के मायने यही है आज के बदलते युग और स्मार्ट फ़ोन की सच्चाई जिंदगी बदल सी गयी है आज, रिश्तों के मायने भी बदल रहे हैं, उँगलियों पर रिश्ते यहाँ कुछ इस तरह से निभाए जा रहे हैं, अपनों से दूर परायों को अपना बनाते जा रहे हैं, कुछ छिपा कर तो कुछ रिश्ते खुले आम निभाए जा रहे हैं, कोई दगा अपनों को दे रहा परदे में रह कर, बेपर्दगी की इन्तहां कुछ इस कदर बढ़ रही है, छिपाना था जिससे उससे ही बेपर्दा हुए जा रहे हैं, संग दिल अज़ीज़ के बैठ परायों की बातों पे मुस्कुरा Continue reading रिश्तों के मायने

नव वर्ष

नव वर्ष जीवन में सबके सुख-समृद्धि का वास हो नव वर्ष सच में सबके लिए खास हों। जन-जन के मन से अहंकार-बुराई का नाश हो, प्रेम बढ़े, द्वेष मिटे जीवन में शुभ्र प्रकाश हो। मधुमय जीवन हो सबका प्रेम से सुरभित श्वाँस हों, मिटे दूरियाँ आपस की मनुज-मनुज में विश्वास हों भयमुक्त जीवन हो सबका कोई भी न पाश हो, है प्रार्थना ईश से पूरी सबकी आस हो। डॉ. विवेक कुमार (c) सर्वाधिकार सुरक्षित।

वो मेरी तस्वीर छुपाए रखती थी

वो मेरी तस्वीर छुपाए रखती थी जालिम ज़माने के डर से खामोश रहा करती थी, नैनों में मगर अपने अश्क़ छुपाए रखती थी। खोल कर किसी ने उसके सीने से लगी किताब को नही देखा, सुना है उस किताब में वो मेरी तस्वीर छुपाए रखती थी।।1।। हम गुजरते थे जब उसके महोल्ले से, मेरे नाम के खूब किस्से सुनाई पड़ते थे। हम जब नजर उठाकर देखते उसके झरोखे में, वो परदे की आड़ से हमे देखा करती थी।।2।। इत्र गुलाब का छिड़क कर जब वो कॉलेज पहली बारी आई थी, आज भी वो खुशबू पुरे क्लासरूम में महकती है। मुस्कुराकर Continue reading वो मेरी तस्वीर छुपाए रखती थी