मेरा हिंदुस्तान जल रहा है

मेरा हिंदुस्तान जल रहा है

डूब गया इंसान देखो,

हैवान कैसे तर रहा है।

आग की इन लपटो में,

मेरा हिंदुस्तान जल रहा है।।

मांग कर माफ़ी भी बेचारा,

कमजोर जुल्म सह रहा है।

बाहुबलियों की शह में,

पाप कैसे पल रहा है।।

आवाज़ उठाने निकला था जो सच की,

परिवार अब तक उसे ढूंढ रहा है।

जात पात के नाम पर,

अपना ही अपनों को मार रहा है।।

मैं किस भरम में था की निडर भगत सिंह का वंशज हु,

मेरा देश तो चंद गद्दारो से डर रहा है।

क्रांति की मशाल थामे हाथो में,

मजहब के नाम पर लड़ रहा है।।

नफरत की इस आग में,

कौन किसका घर फूंक रहा है।

आग की इन लपटो में देखो,

मेरा हिंदुस्तान जल रहा है।।

***नि-3कलाल***

About Nitin Kalal

From Dungarpur (raj.) Work at Kherwada... i like to express my fillings by poems... I'm not so good like other writers but always try to learn and trying to being perfectionist. gmail- ni3kalal@gmail.com contact no.-8107440773

9 Replies to “मेरा हिंदुस्तान जल रहा है”

    • धन्यवाद हेमलता जी और उम्मीद करता हु की मेरी आने वाली कविताएँ भी आपको पसंद आए

  1. Really well written nitin it is really appreciable that u wrote on serious issues of our country …..all the best my wishes r with u keep it up…

    • अनेको धन्यवाद और प्रत्येक का दिल से आभार की आप सभी ने मेरी कविता की सराहना की. उम्मीद करता हु मेरी अन्य कविताएँ भी आपकी अपेक्षाओं पर खरी उतरे

  2. सभी व्यक्ति विशेष को धन्यवाद जिसनें मेरी रचना को सराहा… उम्मीद करता हूँ की मेरी कविताओं में हुई छोटी बड़ी गलतियों पर सुधार में भी आप सभी का सहयोग प्राप्त होगा

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