दुर्गे निशुम्भशुम्भहननी

अग्निज्वाला अनन्त अनन्ता अनेकवर्णा, पाटला, अनेकशस्त्रहस्ता अनेकास्त्रधारिणी अपर्णा,अप्रौढा, अभव्या अमेय अहंकारा एककन्या आद्य आर्या, इंद्री करली पाटलावती मन ज्ञाना कलामंजीरारंजिनी । कात्यायनी कालरात्रि यति कैशोरी कौमारी क्रिया, कुमारी घोररूपा चण्डघण्टा चण्डमुण्ड विनाशिनि , क्रुरा  चामुण्डा  चिता  चिति चित्तरूपा चित्रा चिन्ता, बहुलप्रेमा प्रत्यक्षा जया जलोदरी ज्ञाना तपस्विनी। त्रिनेत्र दक्षकन्या दक्षयज्ञविनाशिनी दुर्गा देवमाता, बुद्धि नारायणी निशुम्भशुम्भहननी पट्टाम्बरपरीधाना पुरुषाकृति प्रत्यक्षा प्रौढा बलप्रदा बहुलप्रेमा बहुला नित्या परमेश्वरी पाटला पाटलावती पिनाकधारिणी । बुद्धि बुद्धिदा ब्रह्मवादिनी ब्राह्मी भद्रकाली लक्ष्मी, भाव्या मधुकैटभहंत्री महाबला महिषासुरमर्दिनि, महातपा महोदरी मातंगमुनिपूजिता मातंगी माहेश्वरी, मुक्तकेशी यति रत्नप्रिया रौद्रमुखी बहुला वाराही, युवती विष्णुमाया वनदुर्गा विक्रमा विमिलौत्त्कार्शिनी। वृद्धमाता वैष्णवी शाम्भवी शिवप्रिया शिबहुला, शूलधारिणी सती Continue reading दुर्गे निशुम्भशुम्भहननी