मेने वक़्त बदलते देखा है !!

मेने वक़्त बदलते देखा है ! मेने तूफानों को साहिलो पर ठहरते देखा है.. हाँ मेने वक़्त को बदलते हुए देखा है.. मेने दिन के उजालो को, रात के अँधेरे में बदलते देखा है.. हाँ मेने वक़्त को बदलते हुए देखा है.. मेने हर दिल अजीज़ लोगो को भी, एक पलभर में बिछड़ते हुए देखा है.. हाँ मेने वक़्त को बदलते हुए देखा है.. चंद रुपयों के लालच में, अपनों को अपनों से झगड़ते हुए देखा है.. हाँ मेने वक़्त को बदलते हुए देखे है.. एक सत्ता की कुर्सी के आगे, अच्छे अच्छों का ईमान सड़क पर बिकते हुए देखा Continue reading मेने वक़्त बदलते देखा है !!

तीन तलाक

तीन तलाक ………………………………………………….. मेरे इस्कूल जाते वक्त तीन तीन घंटे, तेरा मेरे दिदार का तकल्लुफ दिखते ही मेरे, तेरे चेहरे पर रंगत आ जाना मेरे बुर्कानशीं होकर आने पर वो तेरी मुस्कान का बेवा हो जाना मेरे इस्कूल ना जाने कि सूरते हाल में तेरा गली में साइकिल की घंटियां बजाना सुनकर खो गई थी मैं, और तेरी जुस्तजू में दे दिया था मैंने मेरे अपनों की यादों को तलाक कबूल है, कबूल है, कबूल है…… वो जादुई तीन शब्द और तेरा करके मूझे घूंघट से बेपर्दा, करना मुझसे पलकें उठाने की गुजारिश वो मुखङा दिखाने की आरजू-ओ-मिन्नत लेटकर मेरी Continue reading तीन तलाक

उसकी यादो का मोल

उसकी यादो का मोल समन्दर ना भर पाया अश्को को अपने अंदर में, जब कल हम उसकी यादो का पिटारा फिर से खोल बैठे ना बिका मेरा दर्द सरेआम उस बाजार में “मगरिब”, जहा हम उसकी यादो का मोल कर बैठे वो खुद आये और हमसे पुछा क्यों, कितने की हैं ये याद, तुम्हारी ही हैं आओ ले जाओ,हम बोल बैठे। श्रेयस अपूर्व “मगरिब” भोपाल