26 जनवरी

ग़ज़ल (जनवरी के मास की) 2122 2122 2122 212 जनवरी के मास की छब्बीस तारिख आज है, आज दिन भारत बना गणतन्त्र सबको नाज़ है। ईशवीं उन्नीस सौ पंचास की थी शुभ घड़ी, तब से गूँजी देश में गणतन्त्र की आवाज़ है। आज के दिन देश का लागू हुआ था संविधान, है टिका जनतन्त्र इस पे ये हमारी लाज है। हक़ सभी को प्राप्त हैं संपत्ति रखने के यहाँ, सब रहें आज़ाद हो ये एकता का राज़ है। राजपथ पर आज के दिन फ़ौज़ की छोटी झलक, दुश्मनों की छातियाँ दहलाए ऐसी गाज़ है। संविधान_इस देश की अस्मत, सुरक्षा का Continue reading 26 जनवरी