बेटियाँ

बेटियाँ पढाओ जनजन से आह्वान है । ये काम महान है ये काम महान है । किससे कम है मेरी बेटी चढती है हिमालय की चोटी । करो सदा सम्मान है । यही आह्वान है । ये काम महान है । पढ़कर बेटी दो घरों को रोशन करती देती शिक्षा भेद न करो बेटे बेटी में दो समान शिक्षा दिक्षा। दहेज मुक्त हो सब समाज जब समझे बहू को बेटी समान है । यही आह्वान है । ये काम महान है । आधी आबादी की जिससे होती है भागीदारी । एक नहीं दो दो मात्राएं नर से भारी नारी हम Continue reading बेटियाँ

नेता

मन कहता नेता बन जाऊ। पहनू लम्बा कुर्ता टोपी जोर जोर से मैं चिल्लाऊ। मन कहता नेता बन जाऊँ कोई नहीं पूछेगा पढाई टैक्स नहीं जो होगी कमाई बी आई पी की कुर्सी पाऊ मन कहता नेता बन जाऊँ । कोई कानून न आडे आये जो आये संशोधन करवाये बिना पूँजी धन थोक कमाऊ मन कहता नेता बन जाऊँ । झूठ बोलना सीख ही लूँगा । हर काम में कमीशन लूँगा जिसको तिसको धाक जमाऊ मन कहता नेता बन जाऊँ । वादा मेरा अस्त्र बनेगा झूठ मेरा धर्म बनेगा दाग रहे पर बेदाग दिखाऊ मन कहता नेता बन जाऊँ । Continue reading नेता